
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू होंगे मुख्य अतिथि
डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड्स मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम की प्रगति की होगी राष्ट्रीय स्तर पर समीक्षा
IBEX NEWS,शिमला
भारत सरकार के भूमि संसाधन विभाग (DoLR) और हिमाचल प्रदेश सरकार के राजस्व विभाग, भू-अभिलेख निदेशालय के संयुक्त तत्वावधान में “भारत में भूमि प्रशासन में आधुनिक तकनीकों को अपनाने” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला 20–21 नवम्बर 2025 को कुल्लू, हिमाचल प्रदेश में आयोजित की जा रही है।
इस उच्च-स्तरीय कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह सुक्खू मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे और keynote address देंगे। उनके साथ राजस्व मंत्री श्री जगत सिंह नेगी, तथा भारत सरकार के भूमि संसाधन विभाग के सचिव श्री मनोज जोशी भी उपस्थित रहेंगे। कार्यशाला के दूसरे दिन हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष श्री कुलदीप सिंह पठानिया भी संबोधित करेंगे।
DILRMP की प्रगति की होगी समीक्षा
कार्यशाला का उद्देश्य डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड्स मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम (DILRMP) की देशभर में हुई प्रगति की समीक्षा करना और भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण से जुड़े राज्यों के अनुभवों, चुनौतियों तथा नवाचारों को साझा करने के लिए एक साझा मंच उपलब्ध कराना है।
इसमें देशभर के प्रधान सचिव (राजस्व), सचिव, भू-अभिलेख निदेशक, सेटलमेंट कमिश्नर और विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।
आधुनिक तकनीकों पर आधारित प्रमुख सत्र
दो दिवसीय कार्यशाला में निम्नलिखित तकनीकी सत्र आयोजित होंगे:
- पंजीकरण प्रणाली सुधार — पूर्णतः डिजिटल और पेपरलेस रजिस्ट्रेशन सिस्टम की ओर कदम
- जियोस्पेशल मैपिंग व ड्रोन सर्वेक्षण — शहरी व ग्रामीण भूमि पार्सलों के उच्च-सटीकता मैपिंग पर चर्चा
- टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप — सरकारी प्रयासों और निजी विशेषज्ञता के समन्वय की संभावनाएँ
- मानव संसाधन क्षमता विकास — तकनीक आधारित भूमि प्रबंधन के लिए प्रशिक्षण व स्किल गैप भरने पर विचार
- कानूनी व संस्थागत सुधार — डिजिटल म्यूटेशन, डेटा इंटीग्रेशन और टाइटल वेलिडेशन को सुदृढ़ करने हेतु आवश्यक ढांचा
देश के शीर्ष संस्थानों और कंपनियों की भागीदारी
कार्यशाला में सर्वे ऑफ इंडिया, एलBSNAA, तथा ESRI India, Hexagon India, Map My India जैसी अग्रणी तकनीकी कंपनियों के विशेषज्ञ भी पैनल चर्चाओं में भाग लेंगे।
भविष्य के लिए रोडमैप तय करेगी कार्यशाला
इस राष्ट्रीय कार्यशाला से भूमि प्रशासन में तेज़, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित सुधारों को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक नीतिगत और प्रणालीगत हस्तक्षेपों की पहचान होने की उम्मीद है। साथ ही, यह सम्मेलन देश के डिजिटल लैंड गवर्नेंस की भावी दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।




