
IBEX NEWS,शिमला
हिमाचल प्रदेश के ट्राइबल जिला किन्नौर क्षेत्र में आज उस समय गहरी शोक की छाया फैल गई, जब यह दुखद खबर आई कि डब्लिंग गांव के विक्रम नम्बरदार का आकस्मिक निधन हो गया। एक साधारण सी प्रतीत होने वाली घटना में सीढ़ी से अचानक फिसल गया और जिंदादिल, मिलनसार हंसमुख व्यक्ति की जिंदगी को पल भर में छीन लिया।
राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय मंत्री जगत सिंह नेगी ने इस असमय निधन पर गहरा शोक प्रकट किया है। उन्होंने कहा—
“विक्रम एक सच्चे, सरल, समाजसेवी और खरे इंसान थे। उनका जाना डब्लिंग गांव, पूह ब्लॉक और पूरी कांग्रेस परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति दे और शोकग्रस्त परिवार को यह कठोर समय सहन करने का सामर्थ्य प्रदान करे।”
विक्रम नम्बरदार को जानने वालों के लिए यह सिर्फ एक व्यक्ति का जाना नहीं, बल्कि एक पूरे युग का अंत है। उनकी सादगी, मिलनसार प्रवृत्ति, किसी भी तरह के अहंकार से दूर रहने का स्वभाव और हर किसी की मदद के लिए तत्पर रहने वाली उनकी आदत उन्हें गांव ही नहीं, पूरे क्षेत्र में अलग पहचान देती थी।

उनके करीबी मित्रों के अनुसार, शिमला की हसीन वादियों में साथ बिताए दो दशक आज भी यादों में ताज़ा हैं—
हंसी-मजाक, हुड़दंग, रातों को चलने वाली बातचीत, और हर पल में भरा जीवन का उत्साह…
यह सब विक्रम नम्बरदार का ही विस्तार था।
कई मित्र उन्हें प्यार से कहते थे—
“विक्रम खरा सोना है… बिल्कुल खालिस, बिना किसी मिलावट का।”
आज वही खरा सोना इस दुनिया को छोड़ गया।
कांग्रेस परिवार, डब्लिंग गांव और पूह ब्लॉक के लोगों में शोक गहरा है। समाज के हितों की चिंता करने वाला यह सच्चा सपूत अचानक काल के क्रूर हाथों का शिकार हो गया, जिसकी रिक्तता निकट भविष्य में भरना संभव नहीं दिखाई देता।
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने भी परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। गांव में शोक का माहौल है और हर कोई बस यही कह रहा है—
“विक्रम जैसा इंसान बार–बार नहीं मिलता…”




