
कमांडेंट्स कॉन्फ्रेंस में विभागीय कार्यों की समीक्षा, प्रशिक्षण क्षमता बढ़ाने पर जोर
एसडीआरएफ अधिकारी गुलशन नेगी को बेहतरीन सेवा एवं योगदान के लिए विशेष रूप से सराहा गया
IBEX NEWS,शिमला ।
63वां गृह रक्षा एवं नागरिक सुरक्षा राज्य स्तरीय स्थापना दिवस 6 दिसंबर 2025 को सरग़ीन स्थित केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान में मनाया जाएगा। इस वर्ष स्थापना दिवस का विषय “सुरक्षित हिमाचल” निर्धारित किया गया है।
मुख्य समारोह से एक दिन पूर्व 5 दिसंबर गुरुवार को सुबह 11 बजे कमांडेंट्स कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई।कार्यक्रम की अध्यक्षता अतिरिक्त महा निदेशक–cum–महा आदेशक, गृह रक्षा, नागरिक सुरक्षा, अग्निशमन एवं राज्य आपदा मोचन बल, संतोष अटवाल द्वारा की गई।सम्मेलन में विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे और विभिन्न बटालियनों एवं वाहिनियों द्वारा प्रस्तुत किए गए कार्यों की समीक्षा की गई।सम्मेलन में सभी वाहिनियों की समीक्षा, आगामी प्रशिक्षण योजनाएं, आपदा प्रबंधन रणनीतियों तथा वाहिनी स्तर पर अवसंरचना सुधारों की विस्तृत प्रस्तुति दी गई।इस मौके पर उप महा आदेशक अरविंद कुमार पराशर,पुलिस अधीक्षक अर्जित सेन,राज्य आपदा मोचन बल ,स्टाफ अधिकारी आपूर्ति नविता शर्मा,मुख्य अग्निशमन अधिकारी संजीव तथा सभी वाहनियों के आदेशक उपस्थित रहे ।नविता शर्मा ने स्वागत भाषण दिया और उप महा आदेशक द्वारा वर्ष भर किए कामो की जानकारी दी ।
उत्कृष्ट सेवाओं के लिए 65 अधिकारियों और स्वयंसेवकों का सम्मान
स्थापना दिवस पर इस वर्ष DGCD व 86 गृह रक्षा पदक के लिए मनोनीत 65 अधिकारियों/स्वयंसेवकों को उनके साहस, निष्ठा और निष्पादन के लिए सम्मानित किया गया।


सम्मेलन में दिए गए प्रमुख प्रेज़ेंटेशन की फ़ेहरिस्त में नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों का प्रशिक्षण,आपदा प्रबंधन के लिए प्रोटोकॉल,गृह रक्षा स्वयंसेवकों का प्रशिक्षण सुधार,औद्योगिक आपदा प्रबंधन,प्रशिक्षण संस्थानों का उन्नयन,मानसून के दौरान आपदा में आई चुनौतियाँ एवं कार्यवाही रहा ।
गुलशन नेगी को एसडीआरएफ की बेहतरी से कमान संभालने पर उत्कृष्ट कार्य करने के लिए विशेष सम्मान मिला । सम्मेलन में इस वर्ष उत्कृष्ट सेवा देने वाले दूसरे अधिकारियों को भी सम्मानित किया गया।इनमें से एसडीआरएफ अधिकारी गुलशन नेगी को उनके असाधारण अनुशासन, कर्तव्यपरायणता और आपदा प्रबंधन में उत्कृष्ट योगदान के लिए विशेष रूप से सराहा गया।उनके नेतृत्व में किए गए रेस्क्यू ऑपरेशनों और प्रशिक्षण कार्यों ने विभाग की कार्यक्षमता को नई दिशा दी है। विभाग ने उन्हें श्रेष्ठ कार्य एवं समर्पण के लिए प्रशंसा पत्र प्रदान किया।

महा निदेशक ने कहा कि गृह रक्षकों और स्वयंसेवकों ने अपने कर्तव्यनिष्ठ, साहसिक और अनुकरणीय कार्यों से विभाग का गौरव बढ़ाया है।
उन्होंने प्रशिक्षण स्तर को उन्नत करने और आपदा प्रतिक्रिया प्रणाली को और मजबूत बनाने पर जोर दिया।
86 अधिकारियों और स्वयंसेवकों को मिला सम्मान
कॉन्फ्रेंस में कुल 86 अधिकारियों, कर्मचारियों एवं स्वयंसेवकों को उनके जीवन रक्षक, अनुकरणीय एवं उत्कृष्ट कार्यों के लिए “कमांडेंट जनरल डिस्क” से सम्मानित किया गया।गृह रक्षा एवं नागरिक सुरक्षा संगठन द्वारा आयोजित वार्षिक सम्मेलन में इस वर्ष आपदा प्रबंधन, बचाव कार्य, प्रशिक्षण क्षमता और जन–सुरक्षा से जुड़े उत्कृष्ट कार्यों के लिए अनेक अधिकारियों और कर्मियों को सम्मानित किया गया। सम्मेलन में पूरे वर्ष की कार्यप्रणाली का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया और विभिन्न वाहिनियों तथा प्रशिक्षण केंद्रों में सुधार के निर्देश भी जारी किए गए।
समारोह में इस वर्ष कुल 86 पदाधिकारियों और कर्मचारियों को उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया जाएगा। सम्मानित होने वाले प्रमुख अधिकारियों और कर्मियों में चन्द्र भगत (प्लाटून कमाण्डर द्वितीय वाहिनी शिमला), माया सिंह (अवैतनिक हवलदार प्रथम वाहिनी किन्नौर), विनोद कुमार (अवैतनिक हवलदार पांचवीं वाहिनी बिलासपुर), सुनील कुमार (वरिष्ठ प्लाटून कमाण्डर, सीटीओ सरदाघी), कम्पनी कमाण्डर रमेश चन्द माश्टा, मनीष गर्ग, अजय कुमार, लक्ष्मण दास, कम्पनी कमाण्डर सरीता, आरक्षी दीपक, क0क0 सुख देव, प0ह0 रेणुबाला, सै0ल0 रणजीत सिंह, पूनम कुमारी, हरबच्चन सिंह, देश बन्धु, चरण दास, अनिल कुमार, चन्द्र मोहन, महेन्द्र कुमार, सुनील, धीरज, प्रेम सिंह, ललित कुमार, तथा हितेश लखनपाल (आदेशक 12वीं वाहिनी ऊना), सुशील कुमार काँडल (पंचवीं वाहिनी बिलासपुर), आर.पी. नेपटा (द्वितीय वाहिनी शिमला), संतोष कुमार (11वीं वाहिनी सोलन), कुशल चन्द (अष्टम वाहिनी चम्बा), अर्जित सेन (पुलिस अधीक्षक राज्य आपदा मोचन बल), नविता शर्मा (स्टाफ अधिकारी आपूर्ति), अरविंद कुमार पराशर (उप महा आदेशक), सत्वंत अटवाल त्रिवेदी (अतिरिक्त महानिदेशक–महा आदेशक), संजीव वर्मा (मुख्य अग्निशमन अधिकारी), सतीश कुमार (10वीं वाहिनी मंडी), रमेश चन्द (9वीं वाहिनी कुल्लू), जोगिंदर सिंह (8वीं वाहिनी चम्बा), राजेश कुमार (7वीं वाहिनी हमीरपुर), विनोद कुमार (6वीं वाहिनी ऊना), सुरेश कुमार (5वीं वाहिनी बिलासपुर), रवींद्र सिंह (4वीं वाहिनी कांगड़ा), नरेश कुमार (3वीं वाहिनी शिमला), राजीव कुमार (2वीं वाहिनी शिमला), हितेश लखनपाल (1वीं वाहिनी किन्नौर) तथा सुशील कुमार (12वीं वाहिनी ऊना) सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं।
समारोह में इस बार पूरी तरह महिलाओं द्वारा संचालित सर्च एवं रेस्क्यू डेमो मुख्य आकर्षण रहा। टीम ने मंकी क्रॉल, कमांडो रैपलिंग, इम्प्रोवाइज्ड स्ट्रेचर उपयोग, बरमा ब्रिज क्रॉसिंग और रेस्क्यू टॉवर डिसेंट जैसे उच्च स्तरीय कौशलों का प्रदर्शन किया वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि गृह रक्षकों ने अपने साहस, सेवाभाव और अनुशासन से प्रदेश को सुरक्षित बनाने में अमूल्य योगदान दिया है और विभाग आगे भी प्रशिक्षण तथा आपदा प्रतिक्रिया क्षमता को और मजबूत करने की दिशा में काम करता रहेगा।कमांडो रैपलिंग, इम्प्रोवाइज्ड स्ट्रेचर उपयोग, बरमा ब्रिज क्रॉसिंग और रेस्क्यू टॉवर डिसेंट जैसे उच्च स्तरीय कौशलों का प्रदर्शन किया।वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि गृह रक्षकों ने अपने साहस, सेवाभाव और अनुशासन से प्रदेश को सुरक्षित बनाने में अमूल्य योगदान दिया है और विभाग आगे भी प्रशिक्षण तथा आपदा प्रतिक्रिया क्षमता को और मजबूत करने की दिशा में काम करता रहेगा।
गुलशन नेगी (SDRF) – आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण और नेतृत्व में उत्कृष्ट योगदान
संदीप ठाकुर – सर्च एवं रेस्क्यू अभियानों में उल्लेखनीय भागीदारी
रीना शर्मा – महिला स्वयंसेवक दस्ते में अनुकरणीय कार्य
अंजलि वर्मा – नागरिक सुरक्षा अभियानों में सक्रिय सहभागिता
विक्रम सिंह – गृह रक्षा तकनीकी प्रशिक्षण में श्रेष्ठ प्रदर्शन
मोहन लाल – आपदा के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया और बचाव में विशेष योगदान
सुमन देवी – महिला रेस्क्यू टीम में बेहतरीन अनुशासन
रवि नेगी – फील्ड ड्यूटी और आपदा सहायता अभियानों में सराहनीय सेवा
मनोज कुमार – प्रशिक्षण अभ्यासों में तकनीकी दक्षता
कविता ठाकुर – स्वयंसेवक दस्ते में निरंतर उत्कृष्ट कार्य
महिला दस्ते का दमदार प्रदर्शन
हिमाचल होम गार्ड्स के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर 63वें होम गार्ड्स स्थापना दिवस के मौके पर, हमारी महिला होम गार्ड्स संगठन के इतिहास में एक गर्व का अध्याय लिख रही हैं। पहली बार, पूरी तरह से महिलाओं की टुकड़ी अकेले पूरा सर्च और रेस्क्यू डेमोंस्ट्रेशन कर रही है — जिसमें शानदार प्रोफेशनलिज़्म, फिजिकल सहनशक्ति और हाई-लेवल टेक्निकल एक्सपर्टीज़ दिखाई गई है। ये महिलाएं हिमाचल प्रदेश की कई बटालियनों को रिप्रेजेंट करती हैं, और साथ मिलकर वे कुछ सबसे एडवांस्ड रेस्क्यू स्किल्स दिखा रही हैं, जिनमें शामिल हैं: • मंकी क्रॉल • वर्टिकल और हॉरिजॉन्टल रेस्क्यू मेथड्स • रेस्क्यू टावर से नीचे उतरने की टेक्निक्स • इम्प्रोवाइज्ड स्ट्रेचर का इस्तेमाल • कमांडो रैपलिंग • बरमा ब्रिज क्रॉसिंग उनका बेहतरीन काम उनकी कड़ी ट्रेनिंग, लगन और पब्लिक सेफ्टी के प्रति पक्के कमिटमेंट को दिखाता है। इसके साथ ही, 24 महिला होम गार्ड्स गर्व से बैटल मार्च में हिस्सा ले रही हैं, जो अनुशासन, ताकत और तैयारी की भावना दिखाती हैं जो हमारी फोर्स की पहचान है। आज, ये महिलाएं एम्पावरमेंट, लचीलेपन और बेहतरीन होने की निशानी के तौर पर खड़ी हैं — पूरे राज्य के लिए एक मज़बूत मिसाल कायम कर रही हैं।
महा निदेशक ने निर्देश दिए कि—सभी वाहिनियों में प्रशिक्षण स्तर को और बेहतर किया जाए।आपदा से निपटने के लिए तेज और प्रभावी प्रतिक्रिया प्रणाली तैयार की जाए।प्रशिक्षण केंद्रों का आधुनिकीकरण किया जाए।अपने संबोधन में महा निदेशक ने कहा कि इस वर्ष गृह रक्षकों एवं स्वयंसेवकों ने अपने कर्तव्यनिष्ठ, साहसिक और अनुकरणीय कार्यों से संगठन का मान बढ़ाया है। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए भविष्य में भी इसी समर्पण भावना के साथ कार्य करते रहने का आह्वान किया।




