
IBEX NEWS,शिमला
हिमाचल प्रदेश के ट्राइबल जिला किन्नौर के रिकांगपिओ स्थित बचत भवन में हितरक्षा आयाम के अंतर्गत पेसा अधिनियम एवं वन अधिकार अधिनियम विषय पर एक दिवसीय जन-जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम हिमगिरी कल्याण आश्रम, अधिवक्ता परिषद तथा सीमा जागरण मंच के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।

कार्यशाला में मुख्य वक्ता माननीय गिरीश कुबेर जी उपस्थित रहे, जो जनजाति हितरक्षा (Protection of Tribal Rights) विषय के मार्गदर्शक होने के साथ-साथ केंद्रीय वन मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय CAMPA की गवर्निंग बॉडी के सदस्य भी हैं। उन्होंने पेसा एवं वन अधिकार अधिनियम के प्रावधानों, उद्देश्य तथा जनजातीय समुदायों के अधिकारों की रक्षा में इनके महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इस अवसर पर किन्नौर जिले की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के कार्यकर्ता, वन अधिकार कानून के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु प्रयासरत प्रतिनिधि, विभिन्न पंचायतों के प्रधान एवं बड़ी संख्या में प्रबुद्ध जन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में अधिवक्ता परिषद की ओर से अमित चंदेल, रीता ठाकुर, राजेश कुमार शर्मा एवं सी.डी. नेगी, सीमा जागरण मंच की ओर से एम.डी. नेगी तथा हिमगिरी कल्याण आश्रम की ओर से प्रांत हितरक्षा प्रमुख राजकुमार भारद्वाज, प्रांत उपाध्यक्ष अजीत नेगी, प्रांत छात्रावास प्रमुख श्री विमल नेगी, जिला अध्यक्ष चंद्र कीर्ति, शरद नेगी, मनजीत, हरियाणा प्रांत संपर्क प्रमुख भगवान, जिला प्रचारक जगमोहन सहित जिला किन्नौर के अनेक प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।




कार्यशाला में कुल लगभग 120 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य जनजातीय समाज को उनके संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा पेसा एवं वन अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को सशक्त बनाना रहा।






