
डॉक्टर पर कार्रवाई, सुरक्षा में चूक और FIR की मांग को लेकर सरकार को दी चेतावनी
IBEX NEWS,शिमला
हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल IGMC शिमला से जुड़े विवादित मामले को लेकर हिमाचल मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन (HMOA) ने कड़ा रुख अपनाया है। 25 दिसंबर 2025 को आयोजित बैठक के बाद HMOA ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
एसोसिएशन ने कहा है कि IGMC शिमला में डॉक्टर के खिलाफ की गई कार्रवाई से पहले न तो उचित जांच प्रक्रिया अपनाई गई और न ही संबंधित चिकित्सक का पक्ष सुना गया। HMOA ने इसे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ बताया है।
प्रेस विज्ञप्ति में आरोप लगाया गया है कि कथित तौर पर एक भीड़ द्वारा वरिष्ठ चिकित्सक को जान से मारने की धमकी दी गई, जिससे अस्पताल परिसर में कानून-व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा तक को खतरा पैदा हुआ। इस मामले में FIR दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत त्वरित कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
एसोसिएशन ने IGMC परिसर में हुई तोड़फोड़ और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में भी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है। साथ ही अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा गया है कि पहले से गठित सुरक्षा एवं CCTV समिति की सिफारिशों को लागू नहीं किया गया, जिससे यह गंभीर घटना हुई।
HMOA ने ऐलान किया है कि यदि सरकार द्वारा शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (RDA) 26 दिसंबर 2025 को एक दिवसीय सामूहिक आकस्मिक अवकाश (CL) पर जाएगी। इस दौरान केवल आपातकालीन सेवाएं जारी रहेंगी, जबकि नियमित सेवाएं, वैकल्पिक ऑपरेशन थियेटर और आउट पेशेंट विभाग बंद रहेंगे।
एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि 27 दिसंबर 2025 से केवल आपातकालीन सेवाएं ही बहाल की जाएंगी। HMOA ने सभी डॉक्टरों से एकजुटता दिखाने और न्याय की इस लड़ाई में सहयोग करने की अपील की है।





