
नेता प्रतिपक्ष बोले—निलंबन तक फैसला ठीक था, लेकिन बर्खास्तगी कठोर; दोनों पक्षों को बैठाकर निकालना चाहिए बीच का रास्ता
IBEX NEWS,शिमला
हिमाचल प्रदेश के पूर्व सीएम एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर का कहना है कि प्रदेश सरकार ने डॉक्टर के खिलाफ जल्दबाजी में कठोर निर्णय लिया है। सरकार को चाहिए कि दोनों पक्षों को बैठाकर कोई बीच का रास्ता निकाले। यह बात उन्होंने आज मंडी में एक समारोह में शामिल होने के बाद मीडिया में कही।
जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार का यह रवैया बन गया है कि निर्णय बीना सोचे-समझे और जल्दबाजी में लिए जा रहे हैं। इस पूरे प्रकरण में डॉक्टर के निलंबन तक का निर्णय ठीक था ताकि उससे सबक भी मिले और भविष्य में सुधार भी हो। लेकिन जिस तरह से सरकार ने जल्दबाजी में निर्णय लिया वह एक कठोर निर्णय है। जयराम ठाकुर ने प्रदेश सरकार को सलाह दी है कि इसमें दोनों पक्षों की ही गलती नजर आ रही है जबकि पुख्ता प्रमाण किसी के पास नहीं है। ऐसे में सरकार को चाहिए कि दोनों पक्षों को बैठाकर कोई बीच का रास्ता निकाले। जयराम ने कहा कि ऐसी परिस्थितियां कई बार उत्पन्न हो जाती हैं लेकिन अब इसके समाधान की तरफ आगे बढ़ना चाहिए ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं न हों। जयराम ठाकुर ने 108 और 102 एम्बुलेंस सेवाओं के कर्मचारियों द्वारा की गई हड़ताल को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। जयराम ठाकुर ने कहा कि यह कर्मचारी प्रदेश सरकार से अपना हक मांग रहे हैं लेकिन सरकार इनकी मांगों की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही है। सरकार को ऐसी सेवाओं के कर्मचारियों के प्रति इस तरह का रूख नहीं अपनाना चाहिए। यह लोगों के स्वास्थ्य के साथ जुड़ा हुआ मामला है और सरकार को चाहिए कि जल्द से जल्द इसका समाधान निकाला जाए।




