
IBEX NEWS, शिमला।
आईजीएमसी शिमला में हुई मारपीट की घटना को लेकर रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (RDA) IGMC शिमला, हिमाचल मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन (HMOA) और SAMDCOT के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात की। बैठक में घटना से जुड़े तथ्यों, वीडियो क्लिप्स और अन्य साक्ष्यों पर विस्तार से चर्चा की गई।

RDA अध्यक्ष डॉ. सोहिल शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री ने मामले की दोबारा निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि IGMC परिसर में भीड़ द्वारा किए गए हंगामे, डॉक्टरों को डराने-धमकाने और ट्रायल जैसी स्थिति पैदा करने की घटनाओं पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नई सुरक्षा गाइडलाइंस जारी करने पर भी सहमति बनी है।
RDA ने अपनी मांगों को दोहराते हुए कहा है कि
- डॉ. राघव के खिलाफ जारी टर्मिनेशन ऑर्डर को तत्काल रद्द किया जाए।
- पल्मोनरी विभाग के बाहर हुई भीड़बाजी, तोड़फोड़ और धमकियों के मामलों में BNS की धाराओं 351, 351(3), 352, 61, 62, 190 और 191 के तहत FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।
- IGMC में पहले से लगाए गए CCTV कैमरों की कमियों और सुरक्षा खामियों की जवाबदेही तय की जाए।
- सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों और डॉक्टरों को जान से मारने की धमकी देने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई हो।
RDA ने यह भी घोषणा की कि यदि मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती है तो 27 दिसंबर 2025 को सुबह 9:30 बजे से IGMC शिमला के सभी रेजिडेंट डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे। इस दौरान नियमित सेवाएं, वैकल्पिक ऑपरेशन थिएटर और आउट पेशेंट विभाग (OPD) बंद रहेंगे, हालांकि आपातकालीन सेवाएं चालू रहेंगी।
RDA का कहना है कि यह आंदोलन डॉक्टरों की सुरक्षा, सम्मान और न्याय के लिए है और जब तक निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।




