
आईजीएमसी विवाद पर CMO हिमाचल और डॉ राघव को मानवीय संदेश भेजा है,कहा है टकराव नहीं संवाद पर ज़ोर
IBEX NEWS,शिमला
शिमला के आईजीएमसी अस्पताल से जुड़े हालिया विवाद के बीच न्यूरोसर्जन और भरमौर के विधायक डॉ. जनक राज ने एक संतुलित और संवेदनशील संदेश देकर माहौल को ठंडा करने की पहल की है। डॉ. जनक राज ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह समय आरोप-प्रत्यारोप या गुस्से का नहीं, बल्कि समझ, संवेदना और संवाद का है।
सीएमओ कार्यालय और डॉ राघव को उन्होंने अपने संदेश में कहा कि अस्पताल में न तो डॉक्टर जीतते हैं और न ही मरीज़ हारते हैं—अगर कुछ हारता है तो वह सिर्फ़ इंसानियत होती है। जब डॉक्टर और मरीज़ आमने-सामने खड़े हो जाते हैं और संवाद की जगह टकराव ले लेता है, तो चोट केवल रिश्तों को नहीं, बल्कि उस आम जनता को लगती है जिसका इस विवाद से कोई लेना-देना नहीं।
डॉ. जनक राज igmc के पूर्व चिकित्सा अधीक्षक भी है इसके नाते उन्होंने अस्पताल प्रशासन से विनम्र अपील करते हुए कहा कि दोनों पक्षों को एक साथ बैठाया जाए, संवाद का माहौल बनाया जाए और आवेग में हुई भूलों को दोनों पक्ष स्वीकार करें। उन्होंने सुझाव दिया कि आपसी समझ और सम्मान के साथ एक नई शुरुआत की जाए, ताकि हिमाचल के आम जनमानस के हित सुरक्षित रह सकें।
यह संदेश उन्होंने आईजीएमसी प्रशासन, डॉ. राघव और प्रदेश के मुख्यमंत्री को भी प्रेषित किया है, जिसे स्वास्थ्य व्यवस्था में मानवीय दृष्टिकोण की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।




