
आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत चुनाव टले, राज्यपाल ने जारी की अधिसूचना
IBEX NEWS,शिमला
हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज व्यवस्था से जुड़ा एक बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है। प्रदेश सरकार ने अधिसूचना जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि राज्य में ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और ज़िला परिषदों के वर्तमान निर्वाचित प्रतिनिधियों का कार्यकाल 31 जनवरी 2026 को समाप्त हो गया है, जिसके चलते इन संस्थाओं को भंग माना जाएगा।
सरकारी अधिसूचना के अनुसार, आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के प्रावधानों के तहत प्रदेश में समय पर पंचायत चुनाव कराना संभव नहीं हो पाया। ऐसे में हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 140(3)(b) के अंतर्गत राज्यपाल द्वारा प्रशासकीय समितियों का गठन किया गया है, जो आगामी आदेशों तक पंचायती संस्थाओं की शक्तियों और दायित्वों का निर्वहन करेंगी।

अधिसूचना में बताया गया है कि ग्राम पंचायतों के लिए संबंधित खंड विकास अधिकारी को अध्यक्ष तथा पंचायत सचिव को सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है। वहीं पंचायत समिति स्तर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी अध्यक्ष होंगे, जबकि सामाजिक शिक्षा एवं खंड योजना अधिकारी तथा पंचायत निरीक्षक/उप निरीक्षक को समिति का सदस्य बनाया गया है। ज़िला परिषद स्तर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी को अध्यक्ष, जिला विकास अधिकारी को सदस्य और जिला पंचायत अधिकारी को सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है।
केंद्र वित्त आयोग की अनुदान राशि के भुगतान के लिए सदस्य सचिव को ‘मेकर’ और समिति के अध्यक्ष को ‘चेकर’ की भूमिका सौंपी गई है। यह आदेश प्रदेश की सभी पंचायतों पर लागू होगा, हालांकि कुछ उपमंडलों और पंचायत क्षेत्रों को इससे अपवाद के रूप में रखा गया है।
सरकार के इस निर्णय से प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं का संचालन अब पूरी तरह प्रशासनिक व्यवस्था के तहत होगा, जब तक नए चुनाव आयोजित नहीं किए जाते।




