
इंद्र उर्फ दाणु समेत तीन महीने के लिए भेजा जेल, आरोपी पर कुल 52 आपराधिक मामले हैं दर्ज
IBEX NEWS,शिमला
शिमला: देवभूमि को नशे के चंगुल से मुक्त करने के लिए शिमला पुलिस ने अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। नशा तस्करी के संगठित नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए पुलिस ने PIT NDPS अधिनियम के तहत तीन और सक्रिय तस्करों को हिरासत में लेकर तीन महीने के लिए जेल भेज दिया है।
90 दिनों के लिए ‘निवारक नजरबंदी’
जिला पुलिस शिमला ने नशा तस्करों की सप्लाई चेन तोड़ने के लिए कड़े कानूनी कदम उठाए हैं। पिछले 28 दिनों के भीतर यह 21वीं बड़ी कार्रवाई है, जहां आदतन अपराधियों को समाज की शांति और युवाओं की सुरक्षा के मद्देनजर जेल भेजा गया है। इंदर देव उर्फ दानु (41 वर्ष): सुन्नी निवासी दानू नशा तस्करी का पुराना खिलाड़ी है। इसके विरुद्ध पंजाब और हिमाचल के विभिन्न थानों में कुल 52 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसमें हेरोइन (चिट्टा), अफीम, चोरी और आबकारी अधिनियम के गंभीर मामले शामिल हैं। 22 फरवरी को इसे हिरासत में लेकर जेल भेजा गया।दीपक ठाकुर (35 वर्ष): नवबहार, शिमला निवासी दीपक ठाकुर पर भी पुलिस की पैनी नजर थी। इसके खिलाफ थाना पश्चिम और थाना संजौली में भारी मात्रा में हेरोइन बरामदगी के मामले दर्ज हैं। इसे भी PIT NDPS के तहत 3 महीने के लिए नजरबंद किया गया है।संजीव कुमार उर्फ घोड़ा (34 वर्ष): ठियोग निवासी संजीव कुमार उर्फ घोड़ा ढली क्षेत्र में नशे के कारोबार में सक्रिय था। इसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत लगातार 4 मामले दर्ज होने के बाद पुलिस ने इसे सलाखों के पीछे पहुँचाया है।
क्यों हुई यह कार्रवाई?
PIT NDPS एक्ट, 1988 एक निवारक कानून है। इसके तहत उन अपराधियों को जेल भेजा जाता है जो बार-बार नशा तस्करी में संलिप्त पाए जाते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य तस्करी के संगठित नेटवर्क को कमजोर करना और अपराधियों को भविष्य में अवैध गतिविधियों से रोकना है।
पुलिस की अपील: जनता बने ‘आंख और कान’
शिमला पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे नशे के विरुद्ध इस महाअभियान में पुलिस का साथ दें। यदि कहीं भी नशे की बिक्री या संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 8894728001 या नजदीकी पुलिस थाने में सूचना दें। आपकी एक गुप्त सूचना किसी युवा का जीवन बचा सकती है।




