
केंद्र सरकार ने जारी की अधिसूचना: अब 60 दिनों से ज्यादा गृह राज्य से बाहर नहीं रह पाएंगे पर्यटक वाहन
IBEX NEWS,शिमला
केंद्र सरकार ने ‘अखिल भारतीय पर्यटक यान (परमिट) नियम, 2023’ में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी ताज़ा अधिसूचना के अनुसार, ‘अखिल भारतीय पर्यटक यान (परमिट) संशोधन नियम, 2026’ आगामी 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होंगे। इन संशोधनों का मुख्य उद्देश्य पर्यटक वाहनों के संचालन में पारदर्शिता लाना और उनकी निगरानी को और सख्त बनाना है।



प्रमुख संशोधन और नए नियम:
गृह राज्य की सीमा और निगरानी:
संशोधित नियमों के अनुसार, कोई भी पर्यटक यान अपने ‘गृह राज्य’ (जिस राज्य ने परमिट जारी किया है) के बाहर लगातार 60 दिनों से अधिक की अवधि के लिए नहीं रह सकेगा। वाहनों की आवाजाही पर नज़र रखने के लिए उन्हें केंद्रीय मोटर यान नियम, 1989 के तहत निर्धारित ‘लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस’ और ‘आपात बटन’ (Panic Button) से लैस करना अनिवार्य होगा।
डिजिटल दस्तावेज़ सत्यापन:
अब परिवहन प्राधिकरण आवेदन मिलने पर इलेक्ट्रॉनिक रूप से दस्तावेजों का निरीक्षण करेंगे। इसमें वाहन का वैध बीमा, फिटनेस प्रमाणपत्र, और प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) शामिल हैं। साथ ही, यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वाहन पर कोई भी ‘उपभोक्ता शुल्क’ (टोल टैक्स) बकाया न हो।
मार्ग और यात्री सूची की अनिवार्यता:
पर्यटक यान संचालक को अपने प्रस्तावित मार्ग (शुरुआती स्थान, गंतव्य और बीच के राज्य) की जानकारी इलेक्ट्रॉनिक या भौतिक रूप में अपने साथ रखनी होगी। यात्रा शुरू होने से पहले गंतव्य स्थान और मार्ग में बदलाव किया जा सकेगा, लेकिन नियम 10 के तहत तैयार सूची से बाहर के यात्रियों को ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
पहचान और पंजीकरण:
संचालक के पास आधार, निगमित पहचान संख्या (CIN) या जीएसटी (GST) पंजीकरण संख्या होना अनिवार्य है। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि संचालक का निवास या व्यापार का स्थान उसी राज्य में है जहाँ वाहन पंजीकृत है।
चालान और दंड:
यदि वाहन पर पिछले 45 दिनों से अधिक का कोई चालान लंबित है, तो उसे संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी, जब तक कि राज्य सरकार द्वारा निर्दिष्ट प्राधिकरण के समक्ष शिकायतों का निपटारा न हो जाए।
परमिट फॉर्म में भी बदलाव
अधिसूचना के माध्यम से प्ररूप (Form) 1 और 2 में भी संशोधन किया गया है। अब आवेदन के समय आवेदक का पूरा पता और पहचान संख्या देना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, वाहनों की श्रेणी में ‘बैठने की क्षमता’ के साथ-साथ ‘शयन क्षमता’ (Sleeper capacity) या इनके संयोजन का विवरण देना भी ज़रूरी कर दिया गया है।
टैक्सी परमिट 15 साल किए जाने के मामले में केंद्र सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है जिससे पूरे देश के टैक्सी ऑपरेटरो को फ़ायदा होगा। टैक्सी वाहनो के परमिट की बैधता 12 साल थी जिसे 15 साल करने का मामला हिमाचल प्रदेश टैक्सी ऑपरेटरों के आग्रह पर हमने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी जी के समक्ष उठाया था जिसमे सफलता हासिल हो गई है।अब टैक्सी और टैक्सी परमिट की बैधता दोनों 15 साल होने से विसंगति का निवारण हो गया है:मुकेश अग्निहोत्री उप मुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्रीहिमाचल प्रदेश सरकार




