
IBEX NEWS BUREAU,शिमला
हिमाचल प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में कार्यरत अनुबंध कर्मियों को बड़ी राहत देते हुए 14 स्टाफ नर्सों की सेवाओं को नियमित (Regularize) करने का फैसला लिया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा आज इस संबंध में आधिकारिक “कार्यालय आदेश” जारी कर दिए गए हैं।

निदेशालय स्वास्थ्य सेवा (कसुम्पटी, शिमला) द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, जिन स्टाफ नर्सों ने 31 मार्च 2026 तक दो साल का निरंतर अनुबंध सेवा काल पूरा कर लिया था, उन्हें तत्काल प्रभाव से नियमित कर दिया गया है।

नियमित की गई नर्सों को 35,600 – 1,12,800 रुपये (लेवल-9) के न्यूनतम वेतनमान पर रखा गया है। विभाग ने नियमितीकरण के साथ ही इनके तैनाती स्थलों (Place of Posting) की सूची भी जारी कर दी है। अधिकांश नर्सों को आईजीएमसी शिमला, डीडीयू शिमला, केएनएच शिमला और प्रदेश के विभिन्न नागरिक अस्पतालों (CH) में नियुक्त किया गया है।
नियमितीकरण के साथ विभाग ने कुछ सख्त शर्तें भी लागू की हैं: नियमित होने वाली नर्सों को हिमाचल प्रदेश के कठिन क्षेत्रों (Difficult Areas) में कम से कम 3 साल तक अपनी सेवाएं देनी होंगी।उम्मीदवारों को भारत के संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ लेनी होगी और अपनी संपत्ति व देनदारियों का ब्योरा (CCS Conduct Rules 1964 के तहत) जमा करना होगा।जॉइनिंग के समय बोनाफाइड हिमाचल सर्टिफिकेट, चरित्र प्रमाण पत्र और मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट अनिवार्य रूप से जमा करने होंगे।
नियमित होने वालों में दिव्या ठाकुर, तृप्ता देवी, संदीप कौर, उपासना, कुलबीर कौर, यशिका सैनी, प्रियंका, कविंदर कौर, दीपिका शर्मा, सुमन कुमारी, नैन्सी गर्ग, बबीता और दो मोनिका (मंडी व रामपुर) शामिल हैं।
स्वास्थ्य निदेशक ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई नर्स इन शर्तों का पालन नहीं करती है या दस्तावेजों में गड़बड़ी पाई जाती है, तो उनकी सेवाएं किसी भी समय समाप्त की जा सकती हैं। छूटे हुए अन्य पात्र कर्मियों के मामलों पर विभाग अलग से विचार करेगा।



