
- पुलिस ने समोली में दबिश देकर डोडरा-क्वार के तीन युवकों को चिट्टे (हेरोइन) के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है
22 अप्रैल को गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस थाना रोहड़ू की टीम ने समोली की एक बिल्डिंग में दबिश दी। वहां मौजूद वीरेन्द्र सिंह (31), अक्षय कुमार (32) और कृष्ण कान्त (32) के पास से चिट्टा बरामद हुआ। तीनों आरोपी डोडरा-क्वार तहसील के विभिन्न गांवों के निवासी हैं।
IBEX NEWS BUREAU,शिमला
हिमाचल प्रदेश के सबसे दुर्गम और ‘कालापानी’ के नाम से मशहूर डोडरा-क्वार क्षेत्र में नशे की पैठ ने प्रशासन और समाज की चिंता बढ़ा दी है। शिमला पुलिस द्वारा मादक पदार्थ तस्करों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत रोहड़ू पुलिस ने समोली में दबिश देकर डोडरा-क्वार के तीन युवकों को चिट्टे (हेरोइन) के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।22 अप्रैल को गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस थाना रोहड़ू की टीम ने समोली की एक बिल्डिंग में दबिश दी। वहां मौजूद वीरेन्द्र सिंह (31), अक्षय कुमार (32) और कृष्ण कान्त (32) के पास से चिट्टा बरामद हुआ। तीनों आरोपी डोडरा-क्वार तहसील के विभिन्न गांवों के निवासी हैं। पुलिस ने धारा 21, 29 NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।पुलिस अब इस मामले की गहनता से तफ्तीश कर रही है कि आखिर डोडरा-क्वार जैसे दूरदराज के इलाकों से ताल्लुक रखने वाले इन युवकों तक नशे की यह खेप कहाँ से पहुँच रही है। क्या ये युवक केवल नशे के आदी हैं या फिर ये किसी बड़े गिरोह के लिए करियर (सप्लायर) के रूप में काम कर रहे हैं, इसकी जांच जारी है।
- पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार (22 अप्रैल) को पुलिस थाना रोहड़ू की टीम गश्त पर थी। इसी दौरान मुखबिर से विश्वसनीय सूचना मिली कि समोली स्थित एक इमारत के कमरे में नशे की खेप मौजूद है। पुलिस ने बिना समय गंवाए स्वतंत्र गवाहों को साथ लेकर योजनाबद्ध तरीके से कमरे की तलाशी ली।
- यदि समय रहते इन दुर्गम क्षेत्रों में नशे की सप्लाई लाइन को नहीं काटा गया, तो ‘पहाड़ की जवानी’ इस सफेद जहर की भेंट चढ़ सकती है। प्रशासन और स्थानीय जनता को अब मिलकर एक बड़ी सामाजिक दीवार खड़ी करने की आवश्यकता है।
- शिमला पुलिस नशे के विरुद्ध पूरी तरह सतर्क है। डोडरा-क्वार जैसे क्षेत्रों से जुड़े युवकों की गिरफ्तारी यह संकेत देती है कि नशे का नेटवर्क काफी फैल चुका है। हम इसके मुख्य स्रोत (Main Supply) तक पहुँचने के लिए हर पहलू पर जांच कर रहे हैं।”
- — पुलिस प्रशासन, रोहड़ू

जानकारों का मानना है कि इन दुर्गम क्षेत्रों के युवकों की गिरफ्तारी से यह साफ है कि नशे के सौदागरों ने अब उन इलाकों में भी अपना नेटवर्क फैला लिया है जहाँ पहुँचना आम आदमी के लिए भी चुनौतीपूर्ण है।31 से 32 वर्ष की आयु के युवकों का इस अवैध धंधे में संलिप्त होना यह दर्शाता है कि नशे की जड़ें कितनी गहराई तक उतर चुकी हैं। यह केवल एक अपराध नहीं, बल्कि एक सामाजिक त्रासदी की ओर इशारा कर रहा है।
शिमला पुलिस के अनुसार, आरोपियों को फिलहाल 35(3) BNSS के नोटिस पर पाबंद किया गया है और जांच हर पहलू से की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या ये युवक केवल उपभोक्ता हैं या डोडरा-क्वार जैसे शांत इलाकों में नशे की सप्लाई चेन का हिस्सा बन चुके हैं।
डोडरा-क्वार हिमाचल का वह हिस्सा है जो भौगोलिक रूप से बेहद कठिन माना जाता है। ऐसे शांत और दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं का नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त पाया जाना यह दर्शाता है कि नशे के सौदागरों ने अब राज्य के अंतिम छोर तक अपना जाल फैला लिया है। स्थानीय बुद्धिजीवियों का मानना है कि यदि इन क्षेत्रों में नशे की बढ़ती जड़ों को समय रहते नहीं काटा गया, तो आने वाली पीढ़ी पूरी तरह बर्बाद हो जाएगी।



