विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण की बैठक में राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने विकास कार्यों की समीक्षा की, आवारा कुत्तों की समस्या और कचरा प्रबंधन पर भी दिए अहम निर्देश
IBEX NEWS BUREAU रिकांगपिओ, 10 जून।
राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने बुधवार को आईटीडीपी भवन रिकांगपिओ में विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (SADA) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए रिकांगपिओ, सांगला और कामरू क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने लंबित परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश देते हुए अधिकारियों को जनहित से जुड़े कार्यों में तेजी लाने को कहा।
बैठक में सार्वजनिक शौचालयों के रखरखाव, स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत, कचरा प्रबंधन एवं पृथक्करण तथा SADA कर्मियों के नियमित भुगतान जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि जनजातीय जिला किन्नौर के SADA क्षेत्रों में संतुलित एवं समग्र विकास सुनिश्चित करने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें।
- राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने SADA और LADA बैठकों की अध्यक्षता की।
- रिकांगपिओ, सांगला और कामरू में लंबित विकास कार्य समयबद्ध पूरा करने के निर्देश।
- सार्वजनिक शौचालय, स्ट्रीट लाइट, कचरा प्रबंधन और SADA कर्मियों के भुगतान पर जोर।
- आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए डॉग कैचर तैनात करने के निर्देश, प्रत्येक कुत्ता पकड़ने पर ₹500 प्रोत्साहन राशि।
- गौशालाओं और बेसहारा पशुओं की देखभाल के लिए पशुपालन विभाग को निर्देश।
- सांगला में ड्रेनेज और सीवरेज परियोजनाएं मानसून से पहले पूरी करने के आदेश।
- जल विद्युत परियोजनाओं को CSR के तहत प्रभावित पंचायतों को धनराशि उपलब्ध करवाने के निर्देश।
- लंबित CSR भुगतान शीघ्र जारी करने पर जोर।
- शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, महिला सशक्तिकरण और कौशल विकास पर खर्च होगी राशि।
- परियोजना निर्माण से फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा तुरंत देने के निर्देश।
- LADA के तहत सामुदायिक भवन, संपर्क मार्ग, खेल मैदान और सुरक्षा दीवारों का निर्माण किया जाएगा।
बैठक के दौरान सांगला और आसपास के क्षेत्रों में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। इस पर मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को डॉग कैचर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पकड़े गए प्रत्येक आवारा कुत्ते पर 500 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, जिससे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इसके अलावा क्षेत्र की गौशालाओं की स्थिति की समीक्षा करते हुए मंत्री ने पशुपालन विभाग को बेसहारा पशुओं के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधाएं और अनुदानित दरों पर चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सांगला में जल निकासी और सीवरेज परियोजनाओं को मानसून से पहले पूरा करने पर भी जोर दिया।
बैठक में उपायुक्त किन्नौर अमित कुमार शर्मा, उप पुलिस अधीक्षक उमेश्वर राणा, वन मंडलाधिकारी अरविंद कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुधीर सिंह नेगी, उप निदेशक पशुपालन डॉ. अजय नेगी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
परियोजना प्रभावित क्षेत्रों के विकास पर विशेष जोर
इसके बाद मंत्री ने जल विद्युत परियोजना प्रभावित पंचायतों की स्थानीय क्षेत्र विकास प्राधिकरण (LADA) की बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने विभिन्न जल विद्युत परियोजनाओं के अधिकारियों को निर्देश दिए कि कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के तहत प्रभावित पंचायतों को निर्धारित धनराशि उपलब्ध करवाई जाए तथा लंबित भुगतान शीघ्र जारी किए जाएं।
उन्होंने कहा कि इन निधियों का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार सृजन, महिला सशक्तिकरण और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में किया जाएगा, जिससे प्रभावित पंचायतों के लोगों का समावेशी विकास सुनिश्चित हो सके।
मंत्री ने बताया कि LADA के माध्यम से सामुदायिक भवनों का निर्माण, मंदिरों का जीर्णोद्धार, खेल मैदानों का समतलीकरण, संपर्क मार्गों का निर्माण तथा सतलुज नदी किनारे संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा दीवारों का निर्माण किया जाएगा।
उन्होंने जल विद्युत परियोजनाओं के अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि परियोजना निर्माण के दौरान प्रदूषण से कृषि और बागवानी फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा प्रभावित किसानों को तत्काल दिया जाए, ताकि उनकी आजीविका प्रभावित न हो।
उपायुक्त अमित कुमार शर्मा ने बैठक का संचालन करते हुए LADA के तहत संचालित विकास कार्यों की जानकारी दी। बैठक में विभिन्न जल विद्युत परियोजनाओं के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी भाग लिया।




