
पांच या उससे कम नामांकन वाले स्कूलों के मर्जर की अधिसूचना जारी, शून्य नामांकन वाले स्कूल किए डी-नोटिफाई
IBEX NEWS BUR
शिमला, 10 जून। हिमाचल प्रदेश सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में संसाधनों के बेहतर उपयोग और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए प्रदेश भर में 73 सरकारी प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों का नजदीकी स्कूलों में विलय कर दिया है, जबकि 20 स्कूलों को शून्य नामांकन के कारण डी-नोटिफाई (बंद) कर दिया गया है। इस संबंध में शिक्षा विभाग ने बुधवार को अधिसूचना जारी कर दी।
अधिसूचना के अनुसार जिन सरकारी प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या पांच या उससे कम है, उन्हें निकटतम स्कूलों में तत्काल प्रभाव से मर्ज किया जाएगा। इनमें बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, किन्नौर, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, मंडी, शिमला, सिरमौर, सोलन और ऊना जिलों के स्कूल शामिल हैं।
सरकार ने अलग आदेश में 18 प्राथमिक और 2 माध्यमिक विद्यालयों को शून्य नामांकन के कारण डी-नोटिफाई कर दिया है। इनमें सबसे अधिक प्रभावित जिला शिमला है, जहां कई प्राथमिक विद्यालय बंद किए गए हैं। मंडी, चंबा, कुल्लू और बिलासपुर के कुछ विद्यालय भी इस सूची में शामिल हैं।
इसके अलावा बिलासपुर जिले के चार सरकारी माध्यमिक विद्यालयों का भी निकटवर्ती बड़े स्कूलों में विलय किया गया है। सरकार का कहना है कि इससे शिक्षकों, आधारभूत ढांचे और अन्य संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा तथा विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि विलय और डी-नोटिफाई किए गए विद्यालयों के शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों, कार्यालय रिकॉर्ड, फर्नीचर और अन्य संसाधनों का स्थानांतरण पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जाएगा।
शिक्षा सचिव राकेश कंवर (आईएएस) द्वारा जारी आदेशों के अनुसार यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
मुख्य बिंदु
- 73 सरकारी स्कूलों का नजदीकी स्कूलों में विलय।
- 20 स्कूल शून्य नामांकन के कारण बंद।
- पांच या उससे कम विद्यार्थियों वाले स्कूलों पर कार्रवाई।
- शिक्षकों और संसाधनों का होगा पुनर्विन्यास।
- शिक्षा की गुणवत्ता और संसाधनों के बेहतर उपयोग का दावा।




