
फरीदाबाद से गिरफ्तार हुआ मुख्य आरोपी, तीन माह में 1.2 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन की जांच
IBEX NEWS BUREAU,शिमला
शिमला पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक ऐसे संगठित ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़ करने का दावा किया है, जो हेरोइन (चिट्टा) की खेप को दूध, कुरकुरे और अन्य खाद्य पदार्थों के पैकेटों में छिपाकर हिमाचल पहुंचाता था। मामले में पुलिस ने मध्य प्रदेश के छतरपुर निवासी 21 वर्षीय रवि अहिरवार को हरियाणा के फरीदाबाद से गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई बालूगंज थाना में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के एक मामले की जांच के दौरान सामने आई। इस प्रकरण में पहले अविनाश चौहान को गिरफ्तार किया गया था, जबकि आगे की जांच में विशाल यादव और जय प्रकाश यादव को भी हिरासत में लिया गया। आरोपियों से पूछताछ, बैंक खातों की पड़ताल और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण के दौरान पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ।
जांच में सामने आया कि आरोपी रवि अहिरवार शिमला के आईएसबीटी टुटीकंडी समेत विभिन्न स्थानों पर चिट्टा दूध, कुरकुरे और अन्य पैकेटों में छिपाकर रखता था। इसके बाद वह संबंधित स्थानों की वीडियो बनाकर नेटवर्क संचालकों को भेजता था। भुगतान की पुष्टि होने के बाद खरीदारों को लोकेशन साझा की जाती थी, जहां से वे नशीले पदार्थ की खेप उठा लेते थे।
पुलिस का दावा है कि आरोपी पिछले एक वर्ष के दौरान लगभग 50 बार शिमला आ चुका था। उसके मोबाइल फोन से प्राप्त डिजिटल साक्ष्यों और अन्य तकनीकी जांच के आधार पर नेटवर्क में उसकी सक्रिय भूमिका की पुष्टि हुई है।
प्रारंभिक जांच में पिछले तीन महीनों के दौरान करीब 1.2 करोड़ रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के संकेत भी मिले हैं। पुलिस अब धन के स्रोत, नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और नशा तस्करी के पूरे तंत्र की गहन जांच कर रही है।
शिमला पुलिस ने कहा है कि नशा तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और युवाओं को नशे के जाल से बचाने के लिए अभियान को और तेज किया जाएगा।




