
यात्रा सुरक्षा प्रोटोकॉल के साथ जारी रखने के निर्देश, प्रशासन को सुचारु संचालन सुनिश्चित करने के आदेश
IBEX NEWS BUREAU,शिमला
किन्नौर कैलाश यात्रा को लेकर हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश जारी करते हुए यात्रा को फिलहाल जारी रखने की अनुमति दी है। न्यायालय ने जिला प्रशासन को सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए यात्रा का सुचारु संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही ग्राम पंचायत पवारी को यात्रा-2026 के संचालन में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप करने से रोक दिया है। मामले की अगली सुनवाई 10 अगस्त 2026 को होगी।



यह आदेश 22 जुलाई 2026 को न्यायमूर्ति ज्योत्सना रेवाल दुआ की एकल पीठ ने सीडब्ल्यूपी संख्या 12304/2026श्री प्रकाशांक्रास किन्नौर कैलाश यात्रा एवं एक अन्य बनाम हिमाचल प्रदेश राज्य एवं अन्य मामले में पारित किया।
क्या है पूरा मामला?
याचिका दो पंजीकृत संस्थाओं की ओर से दायर की गई है। पहली संस्था गांव पवारी और तांगलिंग के स्थानीय निवासियों का प्रतिनिधित्व करती है, जबकि दूसरी संस्था एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ हिमाचल प्रदेश से संबद्ध है और किन्नौर कैलाश यात्रा के संचालन से जुड़ी है।
याचिकाकर्ताओं ने 13 जुलाई 2026 को ग्राम पंचायत पवारी द्वारा पारित उस प्रस्ताव को चुनौती दी है, जिसमें किन्नौर कैलाश यात्रा को स्थायी रूप से बंद करने और यात्रा संचालन से जुड़ी पंजीकृत संस्था को भंग करने का निर्णय लिया गया था।
याचिकाकर्ताओं का पक्ष
याचिका में कहा गया है कि संबंधित संस्था विधिवत पंजीकृत है और किसी ग्राम पंचायत को उसे भंग करने का कानूनी अधिकार नहीं है। साथ ही राज्य सरकार की उच्च स्तरीय समिति ने 12 जून 2026 को किन्नौर कैलाश यात्रा के आयोजन को मंजूरी दी थी, जिसके तहत यात्रा 1 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक संचालित की जानी थी।
याचिकाकर्ताओं ने यह भी दलील दी कि सदियों पुरानी धार्मिक परंपरा के रूप में आयोजित होने वाली किन्नौर कैलाश यात्रा को ग्राम पंचायत द्वारा एकतरफा निर्णय लेकर नहीं रोका जा सकता।
हाईकोर्ट के अंतरिम निर्देश
हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश में राज्य सरकार और जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि सभी आवश्यक सुरक्षा प्रबंधों के साथ यात्रा को कानून के अनुसार जारी रखा जाए। न्यायालय ने ग्राम पंचायत पवारी को यात्रा में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप करने से रोकते हुए संबंधित प्रतिवादियों को अगली सुनवाई से पहले अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश भी दिए हैं।
मामले की अगली सुनवाई 10 अगस्त 2026 को निर्धारित की गई है।


