March 7, 2026

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Chief Minister Thakur Sukhvinder Singh Sukhu ,

स्टार्टअप रैंकिंग 5.0 में हिमाचल का नया मुकाम: डीपीआईआईटी ने दिया‘टॉप परफॉर्मर’ का दर्जा IBEX NEWS,नई दिल्ली / शिमला हिमाचल प्रदेश ने एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि पहाड़ी राज्य होनेके बावजूद नवाचार, उद्यमिता और स्टार्टअप संस्कृति के क्षेत्र में देश केअग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है। भारत सरकार वाणिज्य एवं उद्योगमंत्रालय के तहत आते उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग(DPIIT), ,द्वारा आयोजित स्टेट्स स्टार्टअप रैंकिंग 5.0 में हिमाचल प्रदेशको राज्य में सशक्त स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने के लिए ‘टॉपपरफॉर्मर’ के रूप में मान्यता प्रदान की गई है। इस प्रतिष्ठित रैंकिंग का उद्देश्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों कोअपने-अपने क्षेत्रों में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिएसक्रिय और नवाचारी कदम उठाने के लिए प्रोत्साहित करना है। इससंस्करण में देश के 34 राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों ने भाग लिया। राष्ट्रीय मंच पर ऐतिहासिक सम्मान स्टार्टअप रैंकिंग 5.0 के परिणाम 16 जनवरी 2026 को भारत मंडपम, नईदिल्ली में आयोजित एक भव्य पुरस्कार समारोह में घोषित किए गए।समारोह की शोभा माननीय प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी और केंद्रीय वाणिज्य एवंउद्योग मंत्री पियूष गोयल की गरिमामयी उपस्थिति से और बढ़ गई। इसी मंच पर हिमाचल प्रदेश को ‘टॉप परफॉर्मर’ घोषित किया गया। यहपुरस्कार हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से सिंगल विंडो क्लियरेंसएजेंसी बद्दी के संयुक्त निदेशक अंशुल धीमान और संयुक्त निदेशक(उद्योग) सुश्री दीपिका खत्री ने प्राप्त किया। प्रशासनिक नेतृत्व को विशेष सराहना इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका को भीराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया। अतिरिक्त मुख्य सचिव (उद्योग) आईएएस, आर डी. नज़ीम को स्टार्टअप्स के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करनेऔर शैक्षणिक संस्थानों को औद्योगिक हितधारकों से जोड़ने के प्रयासों केलिए प्रशंसा मिली। निदेशक उद्योग आईएएस डॉ. यूनुस को दूरदर्शी पहलों और प्रभावीक्रियान्वयन रणनीतियों के माध्यम से स्टार्टअप परिदृश्य को आकार देने केलिए सम्मानित किया गया। संयुक्त निदेशक उद्योग सुश्री दीपिकाखत्री,को उनके दूरदर्शी नेतृत्व, सक्रिय पहलों और महिला नेतृत्व वालेस्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए विशेष सराहना प्राप्त हुई। इसलिए मिला यह सम्मान डीपीआईआईटी ने हिमाचल प्रदेश उद्योग विभाग की कई प्रशंसनीय पहलोंको इस उपलब्धि का आधार बताया, जिनमें प्रमुख हैं राज्य में 5 इन्क्यूबेटर्स की स्थापना, जहां स्टार्टअप्स को मेंटरशिप और सहयोग प्रदानकिया जा रहा है। प्रत्येक इन्क्यूबेटर को ₹30 लाख (गैर-आवर्ती) और₹10 लाख (आवर्ती) सहायता प्रदान की गई। 5 राज्य-स्तरीय पहलें, जिनमें स्टार्टअप पिचिंग सत्र शामिल हैं, ताकिउद्यमियों को निवेशकों सेजोड़ा जा सके। औद्योगिक निवेश नीति 2019 के तहत स्टार्टअप्स को₹10 लाख या पेटेंट खर्च का 75% तक प्रतिपूर्ति। विज्ञान प्रौद्योगिकी औरनवाचार नीति 2021 के अंतर्गत सर्कुलर इकॉनॉमी आधारित स्टार्टअप्स कोशोध और नवाचार के माध्यम से बढ़ावा। इन प्रयासों के लिए डीपीआईआईटी ने हिमाचल प्रदेश को इंस्टीट्यूशनलसपोर्ट पायनियर, इंफ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट पाथफाइंडर तथा मार्केट एक्सेस एंडरीच चैंपियन जैसी संस्थाओं में भी मान्यता प्रदान की। सरकार का स्पष्ट संदेश: स्टार्टअप और रोज़गार प्राथमिकता...