
IBEX NEWS,शिमला ।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय संस्कृत विभाग द्वारा त्रिदिवसीय व्याख्यान माला का आयोजन किया गया।
जिसमें प्रथम दिवस 20 मई को डॉ. ओम प्रकाश शर्मा उपस्थित रहे। जिसमें उन्होंने भारतीय ज्ञान परम्परा में ‘ हिमाचल प्रदेश की लिपियां एवं पाण्डुलिपियों पर व्याख्यान देते हुए हिमाचल प्रदेश में उपलब्ध लिपियों एवं पाण्डुलिपियों के स्रोत सहित समायण महाभारत में उपलब्ध पाण्डुलिपियों का ज्ञान करवाया। द्वितीय दिवस में डॉ मुरारी लाल द्वारा अध्यवसाय एवं दृढ संकल्प नामक विषय पर व्याख्यान दिया गया जिसमें शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरन्तर परिश्रम एवं दृढ़ संकल्प लेने की बात कही।


तृतीय दिवस में सेवानिवृत्त राष्ट्रपति सम्मानित प्रो० वीरेन्द्र कुमार मिश्र ने कहा कि संस्कृत साहित्य में मानवीय मूल्य को कभी नहीं भूलना चाहिए। हमारी शिक्षा, हमारे धार्मिक ग्रन्थ यही शिक्षा देते हैं कि अपने मानवीय मूल्यों सहित सम्पूर्ण जीवन-यापन करना श्रेष्ठकर है।
- इन सभी व्याख्यानो में विभागीय अध्यक्ष डॉ. भवानी सिंह एवं आचार्य समन्वयक डॉ. दीप लता, डॉ. लता देवी, डॉ. सपना चन्देल, डॉ. सोनिया, डॉ. सरोज कुमारी सहित विद्यावाचस्पति शोधार्थी, द्वितीय, चतुर्थ सत्र के विद्यार्थी भी उपस्थित रहे।




