मंडी शहर(जेल रोड)में देर रात बादल फटने से लोगों ने घर की खिड़की तोड़कर बचाई जान
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने ज़िला मंडी के जेल रोड में बादल फटने की घटना पर दुःख व्यक्त किया है।
प्रशासन राहत व बचाव कार्य में जुटा है।इस दु:खद घड़ी में प्रभावित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से सभी के सकुशल होने की प्रार्थना करते हैं:मुकेश अग्निहोत्री
IBEX NEWS,शिमला ।
प्राकृतिक आपदा ने मंडी शहर के जेल रोड क्षेत्र को बुरी तरह से प्रभावित किया है। घटनास्थल से अब तक दो शव बरामद किए जा चुके हैं, जिनमें से एक व्यक्ति की टांग टूटी हुई अवस्था में मिली है। एक अन्य व्यक्ति अब भी लापता बताया जा रहा है, जिसकी तलाश जारी है। 20 से ज्यादा गाड़ियां दबी होने की सूचना है ।
हिमाचल प्रदेश के मंडी इलाके में आज सुबह भूस्खलन की वजह से त्रासदी आ गई। भूस्खलन की चपेट में कई मकान, सड़कें और दर्जनों वाहन आ गए हैं। मंडी से जोगिंद्रनगर जाने वाली सड़क को बंद कर दिया गया है। लवांडी ब्रीज़ के पास भूस्खलन की वजह से अब तक कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। सड़कों का हाल बेहाल है। वहीं दर्जनों वाहन क्षतिग्रस्त और मलबे में दबे हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, धर्मपुर लोनिवि मंडल कार्यालय व अधीक्षण अभियंता कार्यालय के उपर भारी भूस्खलन से गाड़ियों के दबने की भी सूचना है। मलबे में फंसे लोग खिड़कियां तोड़कर बाहर निकाले हैं।
पुलिस नियंत्रण कक्ष, मंडी से मिली जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रीय राजमार्ग-154 (मंडी से जोगिंद्रनगर मार्ग) पर लवांडी ब्रीज के पास भूस्खलन के कारण मार्ग अवरुद्ध हो गया। इस संबंध में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को आवश्यक कार्रवाई के लिए सूचित कर दिया है।
पुलिस नियंत्रण कक्ष मंडी से प्राप्त जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग-21 (मंडी से कुल्लू मार्ग) 4 मील, 9 मील (नज़दीक पंडोह) एवं डवाड़ा (नजदीक औट) के पास भूस्खलन के कारण मार्ग वाहनों की आवाजाही को रोक दिया गया है।
नगर आयुक्त मंडी रोहित राठौर ने कहा कि मंडी में भारी बारिश के कारण ऊपरी इलाकों का मलबा निचले इलाकों में जमा हो गया। यह बादल फटने का नतीजा हो सकता है। सभी अधिकारी फिलहाल राहत कार्य में जुटे हैं। हमें जेल रोड के पास हुए नुकसान की सूचना मिली है। इस हादसे में कई लोगों की मौत हो गई है। हमें 2 शव मिले हैं।



एनएचएआई के अधिकारियों ने जानकारी दी है कि लगातार हो रही भारी वर्षा के कारण मार्ग को बहाल करने में कठिनाई आ रही है। वर्षा बंद होने के बाद ही मार्ग को खोल दिया जायेगा।
मंडी में भारी बारिश के कारण दोनों प्रमुख नेशनल हाईवे को बंद कर दिया गया है। चंडीगढ़-मनाली और पठानकोट-मंडी नेशनल हाईवे बीती रात से बंद पड़ा है। चंडीगढ़-मनाली एनएच पर 4 मील, 9 मील, दवाड़ा, झलोगी और अन्य स्थानों पर भारी भूस्खलन हुआ है। इसी तरह से पठानकोट मंडी पर भी पत्थर से लेकर मंडी तक अनेकों स्थानों पर भूस्खलन हुआ है। जिले में अभी भी बारिश का दौर जारी है। राहत कार्यों में दिक्कतें आ रही हैं। मंडी शहर के विक्टोरिया पुल के पास लैंडस्लाइड भी हुआ है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। राहत एवं बचाव कार्यों को तेज़ी से संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री स्वयं स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं और सभी आवश्यक सहायता तुरंत उपलब्ध करवाने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने राहत कार्यों में जुटे स्थानीय लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार इस कठिन समय में प्रभावित लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और सतर्क रहें।



आपदा के चलते कई मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबकि दर्जनों वाहन मलबे में दबकर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
एसडीआरएफ, फायर ब्रिगेड और स्थानीय पुलिस बल पूरे इलाके की तलाशी ले रहे हैं, ताकि लापता लोगों को जल्द से जल्द ढूंढा जा सके और स्थिति को सामान्य किया जा सके।








मुख्य बिंदु:
- दो शवों की बरामदगी
- एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल, एक लापता
- कई मकान व वाहन क्षतिग्रस्त
- राहत कार्य जारी
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।









