
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने 52 साल पुरानी पांच बीघा भूमि नियमितीकरण नीति को खारिज किया ।1 लाख 65 हजार आवेदकों को मायूसी हाथ लगी है और अवैध कब्जों को 28 फरवरी 2026 तक हटाने का आदेश दिया है।
- हिमाचल हाईकोर्ट ने 23 साल पुरानी नीति रद्द क।
- 1.65 लाख आवेदकों को झटका।
- अवैध कब्जे 28 फरवरी 2026 तक हटाने का आदेश ।
IBEX NEWS,शिमला
हिमाचल प्रदेश में 1 लाख 67 हजार आवदकों को झटका लगा है.प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकार के पांच बीघा भूमि नियमितीकरण वाली नीति को खारिज कर दिया है।23 साल पुरानी इस नीति को लेकर मंगलवार को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट का अहम फैसला सुनाया और सरकार की नीति को खारिज कर दिया है।प्रदेश हाईकोर्ट ने 28 फरवरी 2026 तक सरकारी भूमि से अवैध कब्जों को हटाने के आदेश जारी किए हैं.न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ में मंगलवार को याचिका पर सुनवाई हुई है ।
अवैध कब्जों के नियमितीकरण नीति के तहत सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने वालों लोगों से उस समय की भाजपा सरकार ने आवेदन मांगे थे।इस पर एक लाख पैंसठ हजार लोगों ने अवैध कब्जों को नियमित करने का आवेदन किया था।साल 2002 में भाजपा सरकार ने भू-राजस्व अधिनियम में संशोधन कर धारा 163-ए जोड़ा था और अब इसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है।इस धारा के तहत लोगों को पांच से 20 बीघा तक जमीन देने और नियमितीकरण करने का का प्रावधान किया था।




