
पठानकोट व गुरदासपुर के युवा श्रद्धालुओं ने गंवाई जान,कमल कुंड, कुगती ट्रैक और धंचो में हुईं मौतें।
शव पोस्टमॉर्टम के लिए भरमौर लाए गए, परिजनों को सूचना, पुलिस ने मामला दर्ज कर शुरू की जांच।
IBEX NEWS,शिमला ।
हिमाचल प्रदेश के मणिमहेश में बीती रात में दो और आज सुबह एक श्रद्धालु की मौत हो गई। तीनों श्रद्धालुओं की जान मणिमहेश यात्रा के दौरान ऑक्सीजन की कमी से गई है। इनके शव पोस्टमॉर्टम के लिए भरमौर लाया जा रहे हैं और पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।मृतकों की पहचान पंजाब के पठानकोट के अमन (18), रोहित (18) और गुरुदासपुर के अनमोल (26) के तौर पर हुई है। अमन और रोहित के परिजनों को सूचित कर दिया है।
• Hypoxia: शरीर में ऑक्सीजन की कमी
• Acute Mountain Sickness (AMS): सिरदर्द, उल्टी और थकान
• High Altitude Pulmonary Edema (HAPE): फेफड़ों में पानी भरना, सांस फूलना
• High Altitude Cerebral Edema (HACE): दिमाग में सूजन, भ्रम और बेहोशी आदि ://youtu.be/P38U9IhLW4E?si=OQ6-B5ZxGp40SBcS
Manjeet Negi
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परिजनों के पहुंचने के बाद भरमौर में पोस्टमॉर्टम करवाया जाएगा। इसके बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे।स्थानीय प्रशासन के अनुसार, अमन को बीती रात को कमल कुंड से रेस्क्यू किया गया और गौरीकुंड में मौत हो गई, जबकि रोहित की मौत कुगती ट्रैक पर ऑक्सीजन की कमी से हुई है। वहीं अनमोल की मौत धंचो में आज सुबह 10 बजे हुई। माउंट ट्रेनिंग और एनडीआरएफ की टीम दोनों के शवों को भरमौर ला रही इस बार मणिमहेश यात्रा आधिकारिक तौर 16 अगस्त को शुरू हुई और 31 अगस्त तक है। इस बार भारी बारिश ने इस यात्रा में बाधा डाली है। इसी तरह इस साल 14 श्रद्धालुओं की ऑक्सीजन की कमी और यात्रा के दौरान पत्थर लगने व गिरने से जान चली गई है।
मणिमहेश यात्रा जैसे ऊँचाई वाले कठिन ट्रैक पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए स्वास्थ्य व सुरक्षा सावधानियाँ (Precautions) ज़रूरी हैं, ताकि ऑक्सीजन की कमी (Hypoxia) और Acute Mountain Sickness (AMS) से बचा जा सके।हिमाचल प्रदेश के प्रीमियम चिकित्सा संस्थान आईजीएमसी शिमला के पल्मोनरी विभाग के प्रोफेसर चेस्ट स्पेशलिस्ट डॉक्टर आरएस नेगी का कहना है कि अधिक ऊँचाई पर वायुमंडलीय दबाव कम होने से रक्त में Oxygen Saturation (SpO₂) गिर जाता है, जिससे सिरदर्द, सांस फूलना, चक्कर और थकान जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।
अगर यह स्थिति गंभीर हो जाए तो मरीज को High-Altitude Pulmonary Edema (HAPE) या High-Altitude Cerebral Edema (HACE) हो सकता है, जो जानलेवा साबित होता है।
यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को सलाह है कि वे:
किसी भी प्रकार की Dyspnea (सांस लेने में कठिनाई), Tachycardia (तेज़ दिल की धड़कन) या Cyanosis (होंठ व नाखून नीले पड़ना) दिखने पर तुरंत नीचे उतरें और मेडिकल सहायता लें।”
यात्रा से पहले Pulmonary Function Test (PFT) या बेसिक मेडिकल चेकअप अवश्य करवाएं।
पर्याप्त समय लेकर Acclimatization करें।
साथ में Portable Oxygen Cylinder और आवश्यक दवाइयाँ रखें।
स्वास्थ्य संबंधी सावधानियाँ
Acclimatization (अनुकूलन):
- यात्रा शुरू करने से पहले 1–2 दिन मध्यम ऊँचाई (जैसे भरमौर) पर रुककर शरीर को ऊँचाई के लिए तैयार करें।
- तेज़ चढ़ाई से बचें।
हाइड्रेशन:
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
- शराब और स्मोकिंग से बचें क्योंकि यह ऑक्सीजन लेवल कम करते हैं।
भोजन:
- हल्का और पौष्टिक भोजन करें।
- ज्यादा तेलीय या भारी खाना न खाएं।
स्वास्थ्य जांच:
- दिल, फेफड़े और अस्थमा के मरीज डॉक्टर से फिटनेस सर्टिफिकेट लेकर ही यात्रा करें।
- डायबिटीज़ और ब्लड प्रेशर के मरीज अपनी दवाइयाँ साथ रखें।
ऑक्सीजन की कमी (Hypoxia) के लक्षण
- तेज़ सिरदर्द
- चक्कर या उल्टी
- सांस लेने में तकलीफ़
- थकान और कमजोरी
- होंठ या नाखून नीले पड़ना
इनमें से कोई भी लक्षण दिखे तो तुरंत नीचे की ओर उतरें और मेडिकल सहायता लें।
सुरक्षा संबंधी सावधानियाँ
प्रशासन और पुलिस के निर्देशों का पालन करें।
अकेले यात्रा न करें, हमेशा ग्रुप में चलें।
रात्रि में ट्रैकिंग से बचें।
रेनकोट,गरम कपड़े, टॉर्च, दवाइयाँ और जरूरी सामान साथ रखें।
मोबाइल नेटवर्क सीमित है, इसलिए पहले से ही अपने परिवार को यात्रा प्लान बता दें।




