IBEX NEWS,शिमला, 27 अगस्त
हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाई को प्रभावित होने से बचाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। वित्त (नियम) विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, शिक्षा विभाग, तकनीकी शिक्षा, आयुष शिक्षा और चिकित्सा शिक्षा विभाग में कार्यरत वे शिक्षक/शिक्षण स्टाफ, जो शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान सेवानिवृत्त हो रहे हैं, उन्हें सत्रीय पुनर्नियुक्ति (Sessional Re-employment) प्रदान की जाएगी।प्रदेश में अब टीचर बीच शैक्षणिक सत्र में रिटायर नहीं होंगे। राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम पर सरकाघाट में मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू द्वारा की गई इस घोषणा के बाद फाइनेंस डिपार्टमेंट ने आज नोटिफिकेशन जारी कर दी है। इसके मुताबिक, शिक्षा विभाग, तकनीकी शिक्षा, आयुष शिक्षा और मेडिकल एजुकेशन में सभी टीचर शैक्षणिक सत्र के अंत में रिटायर होंगे।
सरकार के इस फैसले के बाद शिक्षा विभाग के टीचर 31 मार्च 2026 को रिटायर होंगे, जबकि हायर एजुकेशन में 31 मई 2026, मेडिकल एजुकेशन में 31 मार्च 2026, आयुष शिक्षा विभाग में 30 अप्रैल 2026, आईटीआई के टीचर 31 जुलाई 2026 और पॉलिटेक्निक-इंजीनियरिंग व फार्मेसी कॉलेज के टीचर 30 जून 2026 को सेवानिवृत होंगे।
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि ऐसे शिक्षक, जो सामान्य सेवा निवृत्ति आयु पूरी करने के बाद इस अवधि में सेवानिवृत्त हो रहे हैं, वे शैक्षणिक सत्र की समाप्ति तक सेवा में बने रहेंगे। हालाँकि, यदि कोई शिक्षक स्वयं इच्छा से इसमें भाग नहीं लेना चाहता तो उसे “ऑप्ट-आउट” विकल्प देना होगा।
इस अवधि में शिक्षकों को अंतिम वेतन और पेंशन के बीच अंतर की राशि बतौर मानदेय दी जाएगी। वहीं, सेवानिवृत्ति लाभ जैसे ग्रेच्युटी, अवकाश नकदीकरण, जीपीएफ, पेंशन की कम्यूटेशन राशि आदि सत्र समाप्त होने के बाद ही जारी किए जाएंगे।

शिक्षक यदि पुनर्नियुक्ति नहीं लेना चाहते, तो उन्हें सेवानिवृत्ति से 60 दिन पहले संबंधित विभागाध्यक्ष या कार्यालय प्रमुख को निर्धारित प्रपत्र पर सूचना देनी होगी।


सरकार का यह निर्णय राज्य के स्कूलों, कॉलेजों और मेडिकल/तकनीकी संस्थानों में पढ़ाई को सुचारू बनाए रखने के लिए अहम माना जा रहा है।




