
शिमला पुलिस की बड़ी कार्रवाई, केरल से गुरुग्राम और कुल्लू तक फैले नेटवर्क का खुलासा
BEX NEWS,शिमला।
नशा तस्करों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर लगातार सख्त कार्रवाई कर रही शिमला पुलिस ने एलएसडी तस्करी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए चौंकाने वाला खुलासा किया है। इस मामले में न केवल अंतरराज्यीय तस्करी की परतें खुली हैं, बल्कि जांच के दौरान एसटीएफ में तैनात चार पुलिसकर्मियों की संदिग्ध संलिप्तता भी सामने आई है। मामले में गिरफ्तार किए गए चारों आरोपी पुलिसकर्मियों को माननीय अदालत ने 4 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
पुलिस थाना न्यू शिमला द्वारा 10 मार्च 2026 को की गई कार्रवाई के दौरान संदीप शर्मा, निवासी जिला मोगा (पंजाब) और प्रिया शर्मा, निवासी जिला सिरमौर (हिमाचल प्रदेश) के कब्जे से 562 स्ट्रिप्स (स्टाम्प साइज) एलएसडी, कुल वजन 11.570 ग्राम बरामद की गई थी। इस बरामदगी के बाद शुरू हुई गहन जांच ने पूरे मामले को एक बड़े अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क से जोड़ दिया।
बैकवर्ड लिंकेज खंगालने पर एलएसडी सप्लायर की पहचान नेविल हैरिसन, निवासी कालीकट (केरल) के रूप में हुई। इसके बाद 13 मार्च 2026 को शिमला पुलिस की टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गुरुग्राम, हरियाणा से गिरफ्तार कर लिया।
जांच आगे बढ़ी तो एक बेहद गंभीर और शर्मनाक तथ्य सामने आया। पुलिस के अनुसार, एलएसडी की यह खेप संदीप और नेविल द्वारा कुल्लू जिला में ट्रैफिक की गई, जहां एसटीएफ में कार्यरत चार पुलिसकर्मियों — मुख्य आरक्षी राजेश कुमार, मुख्य आरक्षी समीर, मुख्य आरक्षी नितेश और आरक्षी अशोक कुमार — ने इस तस्करी को इंटरसेप्ट करने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय खुद उनके साथ मिलकर नशा तस्करी को बढ़ावा दिया।
पुलिस की मानें तो वर्दी की आड़ में किया गया यह कृत्य केवल घोर अनुशासनहीनता ही नहीं, बल्कि आपराधिक षड्यंत्र, जघन्य अपराध और नैतिक पतन का भी गंभीर उदाहरण है। मामले में इन कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर शिमला पुलिस की संस्तुति और विस्तृत जांच के बाद एडीजी सीआईडी ने 16 मार्च 2026 को चारों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था।
इसके बाद अभियोग में उपलब्ध डिजिटल, भौतिक और तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण तथा नशा तस्करी प्रकरण में उनकी कथित संलिप्तता के आधार पर 19 मार्च 2026 को शिमला पुलिस ने चारों पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
राजेश कुमार पुत्र स्व. श्री रामदास, गांव 14 मील, डा. बडाग्राम, तहसील मनाली, जिला कुल्लू, उम्र 40 वर्ष।
समीर पुत्र अशोक कुमार, वार्ड नंबर 7, पारला भुंतर, तहसील भुंतर, जिला कुल्लू, उम्र 40 वर्ष।
नितेश पुत्र श्री रमेश चंद, गांव बजौरा, डाकघर व तहसील भुंतर, जिला कुल्लू, उम्र 46 वर्ष।
अशोक कुमार पुत्र श्री ज्ञान चंद, गांव वाशिंग, तहसील व जिला कुल्लू, उम्र 42 वर्ष।
मामले में नया और बड़ा अपडेट यह है कि चारों आरोपी पुलिसकर्मियों को अदालत में पेश किए जाने के बाद माननीय न्यायालय ने 4 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। अब पुलिस रिमांड के दौरान इस नेटवर्क से जुड़े और कई बड़े खुलासे होने की संभावना है। जांच एजेंसियां यह भी खंगाल रही हैं कि इस पूरे गिरोह का नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला था और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
यह कार्रवाई संगठित नशा तस्करी के खिलाफ हिमाचल प्रदेश सरकार और पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति का बड़ा उदाहरण मानी जा रही है। पुलिस का कहना है कि प्रदेश को नशामुक्त बनाने के अभियान में चाहे कोई भी व्यक्ति शामिल पाया जाए, उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
हिमाचल प्रदेश पुलिस ने नागरिकों, विशेषकर युवाओं से अपील की है कि नशे से संबंधित किसी भी प्रकार की सूचना तुरंत 112 या नजदीकी पुलिस थाना में दें। सूचना देने वाले की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।



