
IBEX NEWS,शिमला
हिमाचल प्रदेश नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, शिमला में आयोजित ‘राष्ट्रीय सम्मेलन: जनजातीय अधिकार एवं सुशासन’ विषय पर तीन दिवसीय कार्यशाला का समापन समारोह अत्यंत गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश सरकार के राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की ।


अपने संबोधन में मंत्री नेगी ने जनजातीय समुदायों के अधिकारों के संरक्षण, उनके समग्र विकास और सुशासन की दिशा में सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक ज्ञान को सहेजते हुए उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।


सम्मेलन देशभर के विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, नीति-निर्माताओं और विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों के लिए एक प्रभावी मंच साबित हुआ। इस दौरान जनजातीय अधिकार, नीति-निर्माण, प्रशासनिक सुधार और सुशासन से जुड़े मुद्दों पर गहन और सार्थक चर्चा हुई। खास बात यह रही कि देश के 26 राज्यों से आए प्रतिभागियों ने सक्रिय भागीदारी निभाते हुए अपने अनुभव और सुझाव साझा किए।


समापन अवसर पर आयोजकों ने मुख्य अतिथि का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों को भविष्य में भी निरंतर आयोजित किया जाना चाहिए, ताकि जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास और सशक्तिकरण को नई दिशा मिल सके।



