
IBEX NEWS,शिमला
किन्नौर वेलफेयर सोसाइटी द्वारा हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) रहे 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी श्याम भगत नेगी के सम्मान में गुरुवार को एक गरिमामय विदाई समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर उनके संक्षिप्त लेकिन महत्वपूर्ण नौ दिन के DGP कार्यकाल को उनकी लंबी, निष्कलंक और समर्पित सेवा का प्रतीक बताया गया। किन्नौर वेलफेयर सोसाइटी के तत्वावधान में आयोजित इस विदाई समारोह में वक्ताओं ने कहा कि श्याम भगत नेगी का प्रशासनिक जीवन अनुशासन, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल रहा है। उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें सेवानिवृत्ति पर भावभीनी विदाई दी गई और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।इस दौरान समारोह में उपस्थित विभिन्न वर्गों के लोगों ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए श्याम भगत नेगी के उत्कृष्ट योगदान को सराहा और कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाई।


समारोह के दौरान पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत कर किन्नौर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक भी पेश की गई, जिससे कार्यक्रम का माहौल और भी जीवंत हो गया।
किन्नौर जिले से संबंध रखने वाले श्याम भगत नेगी ने अपने तीन दशक से अधिक लंबे करियर में फील्ड पुलिसिंग से लेकर उच्च प्रशासनिक पदों तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। अपनी सादगीपूर्ण कार्यशैली और साफ-सुथरी छवि के लिए पहचाने जाने वाले नेगी ने केंद्र सरकार में भी लंबा अनुभव हासिल किया।
वर्ष 2022 से 2025 तक उन्होंने कैबिनेट सचिवालय में विशेष सचिव और बाद में अतिरिक्त सचिव के रूप में सेवाएं दीं। इस दौरान उन्हें भारत सरकार में सचिव स्तर के पदों के लिए एम्पैनल किया गया, जो उनकी वरिष्ठता और विश्वसनीयता का प्रमाण है। इससे पहले वे कोयला मंत्रालय में संयुक्त सचिव और वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो में संयुक्त निदेशक व अतिरिक्त निदेशक के पद पर भी कार्य कर चुके हैं, जहां उन्होंने वन्यजीव अपराध और अवैध तस्करी के खिलाफ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जुलाई 2025 में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से अपने मूल कैडर हिमाचल प्रदेश लौटने के बाद उन्हें प्रदेश का स्थायी डीजीपी बनाए जाने की चर्चाएं थीं, लेकिन यह जिम्मेदारी किसी अन्य अधिकारी को सौंपी गई। इसके बाद उन्हें सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर नियुक्त किया गया।
उल्लेखनीय है कि 23 मार्च से 31 मार्च तक उन्हें हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक और राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो के डीजीपी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया। यह नौ दिन का कार्यकाल भले ही नीतिगत बदलावों के लिए पर्याप्त नहीं था, लेकिन इसे उनकी लंबी सेवा, वरिष्ठता और अनुभव के प्रति सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।
समारोह में वक्ताओं ने कहा कि प्रशासनिक सेवा में ऐसे क्षण केवल औपचारिकता नहीं होते, बल्कि यह वर्षों की मेहनत, पदक्रम और समर्पण की पहचान होते हैं। श्याम भगत नेगी का यह संक्षिप्त कार्यकाल भी उनकी समृद्ध प्रशासनिक यात्रा का एक महत्वपूर्ण अध्याय बन गया है
कार्यक्रम के अंत में किन्नौर वेलफेयर सोसाइटी ने उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया और उनके योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया।



