
6 महीने तक पूरा वेतन नहीं मिलेगा, मुख्यमंत्री की सैलरी में 50% तक कटौती
IBEX NEWS BUREAU,शिमला । हिमाचल प्रदेश में आर्थिक हालात को देखते हुए सरकार ने बड़ा फैसला लागू कर दिया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अगुवाई वाली सरकार ने मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधानसभा स्पीकर और विधायकों के वेतन में कटौती का आदेश जारी कर दिया है। इस संबंध में अधिसूचना भी जारी हो चुकी है, जिससे यह फैसला अब प्रभावी हो गया है।
सरकार के फैसले के मुताबिक मुख्यमंत्री के वेतन में 50 प्रतिशत, मंत्रियों के वेतन में 30 प्रतिशत और विधायकों के वेतन में 20 से 30 प्रतिशत तक की कटौती की गई है। यह कटौती अस्थायी रूप से लागू की गई है और आगामी 6 महीनों तक पूर्ण वेतन पर रोक रहेगी।
यह निर्णय राज्य की बिगड़ती आर्थिक स्थिति को देखते हुए लिया गया है। बजट भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने खुद इस कदम की घोषणा करते हुए बताया था कि पिछली सरकारों के समय वेतन और पेंशन से जुड़ी देनदारियां बढ़कर करीब 13,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गई हैं, जिससे वित्तीय दबाव काफी बढ़ा है।
हालांकि, इससे पहले सरकार ने ग्रेड-1 और ग्रेड-2 अधिकारियों की सैलरी में कटौती के फैसले पर आंशिक यू-टर्न लिया था। किन्नौर के रिकॉन्गपिओ में हिमाचल दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने ऐलान किया था कि इन अधिकारियों के वेतन में अब कटौती नहीं की जाएगी।
सरकार का कहना है कि यह कदम वित्तीय संतुलन बनाए रखने और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए जरूरी है। वहीं, इस फैसले के राजनीतिक और सामाजिक प्रभावों पर भी नजर बनी हुई है।



