
IBEX NEWS,शिमला, अप्रैल 2026:
नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में शिमला पुलिस ने वर्ष 2026 में बड़ी सफलता हासिल की है। एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों की जांच में गुणवत्ता सुधार और गहन अन्वेषण के चलते पुलिस ने न केवल छोटे पेडलरों बल्कि बड़े सप्लायरों और संगठित नेटवर्कों पर भी प्रभावी कार्रवाई की है।
पुलिस द्वारा “बैकवर्ड लिंकिज” (Backward Linkages) पर विशेष फोकस करते हुए तस्करी की सप्लाई चेन तक पहुंच बनाई गई है। इसी रणनीति के तहत वर्ष 2026 में अब तक साढ़े तीन महीनों के भीतर 27 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जो पिछले पांच वर्षों में इस अवधि की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। तुलना करें तो वर्ष 2024 में इसी अवधि में केवल 4 और वर्ष 2025 में 9 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी।
19 बड़े नेटवर्क ध्वस्त
शिमला पुलिस ने वर्ष 2026 में अब तक 19 ऐसे नशा नेटवर्कों को तोड़ा है, जो हिमाचल में मादक पदार्थों की सप्लाई कर रहे थे। ये नेटवर्क नेपाल सहित पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, केरल और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों से संचालित हो रहे थे। वर्ष 2025 में जहां केवल 4 और 2024 में महज 1 नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई हुई थी, वहीं इस वर्ष की उपलब्धि कई गुना अधिक है।
बड़े मामलों में बड़ी कार्रवाई
इस अवधि में कई हाई-प्रोफाइल मामलों में भी पुलिस को सफलता मिली है, जिनमें—
- एक करोड़ रुपये मूल्य की एलएसडी की कमर्शियल मात्रा की बरामदगी और 7 आरोपियों की गिरफ्तारी (4 पुलिसकर्मी शामिल)
- अंबाला से संचालित चिट्टा तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़, 288 ग्राम चिट्टा बरामद
- नेपाल से लाई गई 11.5 किलो अफीम की खेप पकड़ी, 4 आरोपी गिरफ्तार, 12 लाख रुपये नकद बरामद
- शाही महात्मा गैंग के मुख्य सरगना की गिरफ्तारी, जो डेढ़ साल से फरार था
- पंजाब और हरियाणा से वांछित आरोपी लूकस और डेविड की गिरफ्तारी
- 83 ग्राम चिट्टा तस्करी मामले में 8 आरोपियों की गिरफ्तारी
सप्लाई चेन पर प्रहार, युवाओं को राहत
पुलिस की इस रणनीति से नशे की सप्लाई चेन को तोड़ने में बड़ी सफलता मिली है। इससे हजारों युवाओं तक नशे की पहुंच पर रोक लगी है और उन्हें नशे के जाल में फंसने से बचाया जा सका है।
जिला पुलिस का कहना है कि भविष्य में भी इस तरह की सख्त और सुनियोजित कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही, पुलिस ने इस अभियान में सहयोग देने वाले आम नागरिकों का आभार भी जताया है।



