
IBEX NEWS BUREAU, शिमला, 27 मई 2026:
जिला शिमला पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाते हुए इस वर्ष अब तक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने न केवल ड्रग सप्लाई चेन पर चोट की है, बल्कि तस्करों की अवैध संपत्तियों पर भी शिकंजा कसते हुए करीब 1 करोड़ 13 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है। खास बात यह है कि पिछले दो वर्षों 2024 और 2025 में ऐसी कोई बड़ी संपत्ति जब्ती कार्रवाई नहीं हुई थी, जबकि इस वर्ष मात्र शुरुआती महीनों में ही रिकॉर्ड कार्रवाई दर्ज की गई है।

पुलिस के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक NDPS Act के तहत 134 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें अधिकांश मामले इंटरमीडिएट और कमर्शियल क्वांटिटी से जुड़े हैं। इन मामलों में कुल 286 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं सप्लाई नेटवर्क की कमर तोड़ने के लिए शिमला पुलिस की विशेष टीमों ने पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, नेपाल बॉर्डर और केरल सहित बाहरी राज्यों व क्षेत्रों से 42 तस्करों को गिरफ्तार किया है।
कुमारसैन केस में 53 लाख की संपत्ति फ्रीज
थाना कुमारसैन में 10 अप्रैल 2026 को दर्ज NDPS Act के एक बड़े मामले में पुलिस ने वित्तीय जांच के बाद करीब 53 लाख रुपये की संपत्ति फ्रीज की है। मामले में नेपाल निवासी तीन आरोपियों — ऐन बहादुर उर्फ राजू, चक्र बहादुर और मोहन शाही — के कब्जे से 9.028 किलोग्राम अफीम और 12 लाख रुपये नकद बरामद किए गए थे।
जांच के दौरान पुलिस ने बैकवर्ड लिंक तलाशते हुए कंडाघाट स्थित “लक्ष्मी टी स्टॉल” से महिला आरोपी लक्ष्मी के कब्जे से 2.039 किलोग्राम अफीम भी बरामद की। चारों आरोपी वर्तमान में कैथू सब जेल में न्यायिक हिरासत में हैं।
फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन में खुलासा हुआ कि आरोपी लंबे समय से कंडाघाट, नारकंडा और आसपास के क्षेत्रों में युवाओं व ग्राहकों को योजनाबद्ध तरीके से अफीम सप्लाई कर रहे थे। पुलिस ने पाया कि ऐन बहादुर ने नशा तस्करी से कमाई राशि से Innova और Urban Cruiser गाड़ियां खरीदीं, जबकि लक्ष्मी ने Royal Enfield बाइक खरीदी और उसके खातों में करीब 5 लाख रुपये जमा पाए गए। इन सभी संपत्तियों को फ्रीज कर दिया गया है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार महिला आरोपी लक्ष्मी के खिलाफ वर्ष 2016 में कंडाघाट थाना में भांग तस्करी का मामला भी दर्ज है, जो अभी अदालत में विचाराधीन है।
कोटखाई के आर्यन पर भी बड़ी कार्रवाई
शिमला पुलिस ने कोटखाई क्षेत्र के चर्चित चिट्टा तस्कर आर्यन के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करते हुए उसकी करीब 60 लाख रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की है। आरोपी के खिलाफ वर्ष 2023 और 2025 में चिट्टा/हेरोइन तस्करी के मामले दर्ज हुए थे तथा वर्ष 2026 में उसे PIT NDPS Act के तहत निरुद्ध किया गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी के बैंक खातों में वर्ष 2024 में करीब 23 लाख और वर्ष 2025 में 25 लाख रुपये का लेनदेन हुआ, जबकि उसकी कोई वैध आय नहीं थी। जांच में यह भी पाया गया कि आरोपी ने नशा तस्करी से अर्जित धन से स्कार्पियो वाहन और दो मंजिला मकान बनाया था।
तीन वर्षों में सबसे बड़ी कार्रवाई
शिमला पुलिस के अनुसार पिछले तीन वर्षों की तुलना में इस वर्ष केवल शुरुआती तीन महीनों में ही नशा तस्करों की सबसे अधिक संपत्ति जब्ती की कार्रवाई की गई है। पुलिस ने साफ किया है कि भविष्य में भी ड्रग माफिया और उनके आर्थिक नेटवर्क के खिलाफ इसी तरह कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।



