
जड़े अपने एफबी अकाउंट पर आरोप कहा,महीने के 5 अटैची… 3 दिल्ली जाते हैं”; भारती के तीखे फेसबुक पोस्ट्स से पहाड़ी राज्य की राजनीति में आया भूचाल!
IBEX NEWS BUREAU शिमला, 04 जून 2026
हिमाचल प्रदेश की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। कांग्रेस के कद्दावर और फायरब्रांड नेता नीरज भारती ने हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (HPCC) के उपाध्यक्ष पद से तत्काल प्रभाव से अपना इस्तीफा दे दिया है। भारती ने अपना त्यागपत्र प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार को भेज दिया है। लेकिन बात सिर्फ इस्तीफे तक सीमित नहीं है; नीरज भारती ने सोशल मीडिया पर एक के बाद एक बेहद विस्फोटक पोस्ट शेयर कर सूबे की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार की जड़ें हिला दी हैं।
“अटैची न भेजते तो कब के घर बिठा दिए जाते…” – भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
नीरज भारती ने अपने फेसबुक हैंडल पर बिना किसी लाग-लपेट के सीधे मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप जड़े हैं। अपने एक पोस्ट में उन्होंने बेहद तल्ख लहजे में लिखा— “जनाब अटैची न भेजते तो कब के घर बिठा दिए जाते…”। इसके तुरंत बाद एक और पोस्ट में उन्होंने खुलकर कहा कि— “महीने के 5 अटैची इकट्ठे होते हैं, 2 खुद रखे जाते हैं और 3 दिल्ली भेजे जाते हैं…”।
इन सीधे हमलों ने दिल्ली से लेकर शिमला तक कांग्रेस संगठन के भीतर हड़कंप मचा दिया है।

ऐसी जानकारी उन्होंने खुद अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा की। नीरज भारती ने 4 जून, 2026 को भेजे गए अपने इस्तीफे में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की कार्यशैली और संगठन-सरकार के बीच बढ़ती दूरियों पर गंभीर सवाल उठाए।




कांग्रेस जिला अध्यक्ष अनुराग शर्मा ने आज नीरज भारती को दिन में कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसमें उन पर अनुशासनहीनता की बात कही गई थी। दरअसल, नीरज भारती पंचायती राज और निकाय चुनावों के परिणाम घोषित होने के बाद से ही मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर घेरना शुरू कर दिया था।
बंद कमरों की सिसकियां और “चमचों” पर वार
भारती ने दावा किया कि मुख्यमंत्री सुक्खू का समर्थन करने वाले विधायक और कुछ मंत्री आज बंद कमरों में सिसकियां ले रहे हैं, लेकिन ‘कारण बताओ नोटिस’ के डर से खुलकर बोल नहीं पा रहे हैं। सरकार और संगठन को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने यह भी कहा कि अनुशासन के डर से चुप बैठने वाले लोग भी पार्टी को धोखा देने वालों जितने ही गुनहगार हैं। सरकार के बचाव में आने वाले नेताओं को उन्होंने “जूते चाटने वाले चमचे” तक कह डाला।

दिनांक: 04 जून 2026
प्रति,
श्री विनय कुमार जी
विधायक एवं अध्यक्ष
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी
शिमला, हिमाचल प्रदेश
विषय: हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष पद से त्यागपत्र
महोदय,
मैं हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष पद से तत्काल प्रभाव से अपना त्यागपत्र प्रस्तुत कर रहा हूं।
यह निर्णय मेरे लिए बिल्कुल भी आसान नहीं है, क्योंकि मैंने हमेशा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के एक समर्पित एवं निष्ठावान कार्यकर्ता के रूप में पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए पूर्ण निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य किया है। हमने, हजारों समर्पित कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ, भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ मजबूती से संघर्ष किया तथा कांग्रेस पार्टी को सत्ता में वापस लाने के लिए दिन-रात मेहनत की।
किन्तु निराशा के साथ कहना पड़ रहा है कि वर्तमान राज्य सरकार, माननीय मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह सुक्खू जी के नेतृत्व में कार्यशैली एवं व्यवस्था से मैं स्वयं को अत्यंत असंतुष्ट महसूस करता हूं। पिछले साढ़े तीन वर्षों में सरकार ने उन मेहनती, संघर्षशील एवं समर्पित कांग्रेस कार्यकर्ताओं को निराश किया है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में पार्टी का झंडा मजबूती से उठाए रखा और कांग्रेस सरकार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
दुर्भाग्यपूर्ण है कि अनेक जमीनी स्तर के, निष्ठावान एवं हार्डकोर पार्टी कार्यकर्ता स्वयं को उपेक्षित, अनसुना और हाशिये पर महसूस कर रहे हैं। जिन कार्यकर्ताओं ने पार्टी के लिए संघर्ष किया, जनता के बीच लड़ाई लड़ी और कांग्रेस को सत्ता तक पहुंचाने के लिए अपना समय, ऊर्जा और सम्मान दांव पर लगाया, आज वही कार्यकर्ता स्वयं को असहाय एवं उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। सरकार और जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच बढ़ती यह दूरी निराशा और हताशा का कारण बनी हुई है।
इन्हीं परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए तथा वर्तमान स्थिति के साथ स्वयं को सामंजस्य स्थापित करने में असमर्थ पाते हुए, मैं अपने संगठनात्मक दायित्व से स्वयं को अलग करना उचित समझता हूं।
मैं पार्टी नेतृत्व एवं सभी साथियों का धन्यवाद करता हूं जिन्होंने मुझे यह जिम्मेदारी और विश्वास प्रदान किया। मुझे आशा है कि भविष्य में पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं की भावनाओं और समस्याओं को गंभीरता से सुना और समझा जाएगा।
कृपया मेरा त्यागपत्र स्वीकार करने की कृपा करें।
भवदीय,
नीरज भारती
उपाध्यक्ष
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी
“पार्टी का बेड़ा गर्क करने में 2 ‘सुख’ ही थे”
नीरज भारती ने अपने आधिकारिक त्यागपत्र में लिखा है कि वर्तमान सरकार के साढ़े तीन वर्षों के कार्यकाल में उन जमीनी, मेहनती और संघर्षशील कार्यकर्ताओं को पूरी तरह से उपेक्षित और हाशिए पर धकेल दिया गया है जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में पार्टी का झंडा बुलंद रखा था।
अपने सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने एक कदम और आगे बढ़ते हुए कटाक्ष किया कि— “हिमाचल प्रदेश के इतिहास में लिखा जाएगा कि अगर हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस पार्टी का किसी ने बेड़ा गर्क किया तो वो 2 दो सुख ही थे…”। इसके साथ ही उन्होंने आगामी चुनावों के संदर्भ में एक रहस्यमयी आंकड़ा देते हुए लिखा कि— “4 और 64 का अंतर रहेगा… जिसको शक है पोस्ट सेव करके रख लेना…”।
मंत्रियों को हटाने और बेटों को ‘चेयरमैन’ बनाने की डील का दावा
एक अन्य चौंकाने वाले खुलासे में नीरज भारती ने लिखा कि कुछ समय पहले उनके पिताजी (पूर्व मंत्री) से दिल्ली के नेताओं ने कहा था कि वे और कर्नल धनीराम शांडिल जी मंत्री पद से हट जाएं, तो उनके बेटों को सरकार में चेयरमैन बना दिया जाएगा। भारती के अनुसार, उन्होंने अपने पिता को उसी समय इस “निकम्मी सरकार” का हिस्सा बनने से साफ मना कर दिया था।
राजनीतिक गलियारों में हलचल
हिमाचल प्रदेश में स्थानीय निकायों और पंचायती राज चुनावों के ठीक बाद नीरज भारती का यह बगावती रुख और इस्तीफे का यह टाइमिंग सुक्खू सरकार के लिए बहुत बड़ा राजनीतिक संकट खड़ा कर सकता है। अंदरूनी गुटबाजी अब पूरी तरह से सड़कों और सोशल मीडिया पर आ चुकी है, जिससे विपक्ष (भाजपा) को भी सरकार को घेरने का एक बड़ा और धारदार हथियार मिल गया है। अब देखना यह होगा कि कांग्रेस आलाकमान इस ‘अटैची’ और ‘उपेक्षा’ वाले बम धमाके को कैसे संभालता है।
हालांकि उन्होंने ने जो पत्र प्रदेशाध्यक्ष विनय कुमार को भेजा है वो हस्ताक्षरित नहीं है ।



