
कुप्पा गांव में प्रभावित परिवारों से मिले मंत्री, नए पुल के लिए बदलेगा अलाइनमेंट; RCC-PCC तकनीक से बनेगा मजबूत ढांचा
IBEX NEWS BUREAU,शिमला/किन्नौर।
हाल ही में हुई भारी बारिश और भूस्खलन से किन्नौर के सांगला क्षेत्र में क्षतिग्रस्त हुए बैली ब्रिज का शनिवार को प्रदेश के राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने सीमा सड़क संगठन (BRO) और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ संयुक्त निरीक्षण किया। मंत्री ने मौके पर पुल की क्षति का जायजा लेते हुए पुनर्निर्माण कार्य में तेजी लाने और भविष्य में प्राकृतिक आपदाओं का सामना करने में सक्षम मजबूत ढांचा तैयार करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान BRO के अधिकारियों ने बताया कि नए पुल का निर्माण आधुनिक तकनीक के अनुरूप किया जाएगा। पुल के निचले हिस्से में दो मीटर ऊंची रिइनफोर्स्ड सीमेंट कंक्रीट (RCC) की सुरक्षा दीवार बनाई जाएगी, जिसके ऊपर प्लेन सीमेंट कंक्रीट (PCC) का मजबूत ढांचा तैयार होगा। साथ ही भूस्खलन के खतरे को देखते हुए पुल के अलाइनमेंट को थोड़ा ऊपर की ओर स्थानांतरित करने का भी निर्णय लिया गया है।
अधिकारियों ने यह भी जानकारी दी कि क्षेत्र की पेयजल पाइपलाइनों को भविष्य में नदी के नीचे से ले जाने के बजाय नए पुल के ढांचे के ऊपर से सुरक्षित रूप से गुजारा जाएगा, ताकि आपदा की स्थिति में जलापूर्ति प्रभावित न हो।





इसके बाद राजस्व मंत्री ने कुप्पा गांव का दौरा कर भूस्खलन से प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने क्षतिग्रस्त मकानों का निरीक्षण कर राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों को नियमानुसार शीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराया जाए तथा आवश्यकतानुसार सुरक्षित स्थानों पर ठहराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।


सबसे बड़ा नुकसान शुक्रवार रात करीब नौ बजे सांगला बस अड्डे के समीप हुआ, जहां सेना और सीमा सड़क संगठन द्वारा लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया 110 फुट लंबा अस्थायी बेली ब्रिज भूस्खलन की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गया। इसके अलावा टौंगटौंगचें नाले के पास जल शक्ति विभाग की 30 मीटर सुरक्षा दीवार तथा 250 एमएम क्षमता की 150 मीटर एमएसईआरडब्ल्यू पाइपलाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे विभाग को लगभग 55 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद प्रशासन ने फिलहाल छोटे और बड़े वाहनों की आवाजाही पुलिस थाना–तहसील कार्यालय मार्ग से वैकल्पिक रूप से शुरू कर दी है, ताकि यातायात पूरी तरह प्रभावित न हो।
शनिवार सुबह करीब आठ बजे सांगला-छितकुल मार्ग पर गौलडैसो के समीप ऊपरी पहाड़ी से भारी चट्टानें गिरने के कारण सड़क करीब तीन घंटे तक बंद रही। सूचना मिलते ही सीमा सड़क संगठन की टीम जेसीबी मशीन और मजदूरों के साथ मौके पर पहुंची तथा लगातार तीन घंटे की मशक्कत के बाद मार्ग को दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल कर दिया।
सीमा सड़क संगठन के ओसी पवारी अक्षय दुबे ने बताया कि गौलडैसो के पास भूस्खलन के कारण सड़क अवरुद्ध हो गई थी, जिसे युद्धस्तर पर कार्य कर पुनः खोल दिया गया है। इस घटना में जल शक्ति विभाग की दस सिंचाई पाइपें भी क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिससे विभाग को करीब पांच लाख रुपये का अतिरिक्त नुकसान हुआ है।
बारिश और भूस्खलन का असर ग्रामीण क्षेत्रों में भी देखने को मिला। कामरू पंचायत के कुप्पा गांव में तीन परिवारों के मकानों, गौशालाओं और अनेक सेब बागवानों के बगीचों को भारी क्षति पहुंची है। वहीं बटसेरी गांव में चट्टानों की चपेट में आने से ग्रामीण हरी भगत नेगी की एक गाय की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन से अधिक मवेशी घायल हो गए। सूचना मिलने पर ग्राम पंचायत प्रधान कांता नेगी ने पशु चिकित्सकों की टीम को मौके पर बुलाकर घायल पशुओं का उपचार करवाया। बटसेरी के बागवान सूरज नेगी, सुरेंद्र नेगी, उपेंद्र नेगी और शिवराम नेगी के सेब बगीचों को भी नुकसान पहुंचा है।
शनिवार को प्रदेश के राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने सांगला घाटी के प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने सबसे पहले कुप्पा गांव पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। इसके बाद मंत्री ने सांगला बस अड्डे के समीप क्षतिग्रस्त बेली ब्रिज तथा टौंगटौंगचें नाले में नुकसान का निरीक्षण किया। उन्होंने सीमा सड़क संगठन और जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को पुनर्बहाली कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर शीघ्र पूरा करने के सख्त निर्देश दिए, ताकि क्षेत्र में सामान्य जनजीवन जल्द बहाल हो सके।
मौके पर राहत एवं बहाली कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं। JCB और कोमात्सु जैसी भारी मशीनें मलबा हटाने में लगी हैं, जबकि नदी में गिरे स्टील के ढांचे को निकालने के लिए 20 टन क्षमता वाली हाइड्रा क्रेन भी तैनात की जा रही है।
जगत सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश सरकार आपदा प्रभावित लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है और सड़क, पुल तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं की बहाली प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी। निरीक्षण के दौरान BRO के वरिष्ठ अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।



