
IBEX NEWS,शिमला। हिमाचल प्रदेश पुलिस ने जवाबदेही, पारदर्शिता और अनुशासन को सुदृढ़ करते हुए एक बड़ी और उदाहरणीय कार्रवाई की है। पुलिस महानिदेशक, हिमाचल प्रदेश, अशोक तिवारी, आईपीएस ने एक गंभीर एनडीपीएस मामले में संलिप्तता पाए जाने पर एसटीएफ कुल्लू में तैनात चार पुलिस कर्मियों को सेवा से बर्खास्त करने के आदेश जारी किए हैं। बर्खास्त किए गए कर्मचारियों में हेड कांस्टेबल राजेश कुमार, हेड कांस्टेबल समीर कुमार, एचएचसी नितेश कुमार और कांस्टेबल अशोक कुमार शामिल हैं।
यह कार्रवाई थाना न्यू शिमला में दर्ज एफआईआर संख्या 14/2026, दिनांक 10 मार्च 2026 से संबंधित है। इस मामले में पुलिस ने विश्वसनीय सूचना के आधार पर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था और उनके कब्जे से 562 एलएसडी स्ट्रिप, करीब 11.57 ग्राम, बरामद की थीं। जांच के दौरान सामने आया कि यह मामला एक बड़े संगठित अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क का हिस्सा है, जिसकी आपूर्ति श्रृंखला केरल से हिमाचल प्रदेश तक फैली हुई थी।
पुलिस जांच में सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, लोकेशन ट्रैकिंग और वित्तीय लेनदेन के विश्लेषण जैसे तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ी गईं। इसी जांच के दौरान चारों पुलिस कर्मियों की संलिप्तता सामने आई। मामले को गंभीर कदाचार और जनविश्वास के साथ विश्वासघात मानते हुए सक्षम प्राधिकारी ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 311(2)(b) के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया।
इस संबंध में पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश पुलिस मादक पदार्थों और भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति पर कार्य कर रही है, जो विभाग के भीतर भी समान रूप से लागू है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी पुलिस कर्मी समाज और युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों में संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी दोहराया कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और ईमानदारी, अनुशासन तथा जनविश्वास पुलिस संगठन के मूल स्तंभ हैं।
हिमाचल प्रदेश पुलिस की यह कार्रवाई विभाग के भीतर और बाहर दोनों जगह एक सख्त संदेश के तौर पर देखी जा रही है। इससे साफ है कि एनडीपीएस मामलों में किसी भी तरह की आपराधिक संलिप्तता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे आरोपी वर्दी में ही क्यों न हो। पुलिस ने इसे नशे के नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का अहम हिस्सा बताया है।
पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे नशा तस्करी और इससे संबंधित संदिग्ध गतिविधियों के खिलाफ अभियान में सक्रिय सहयोग करें। किसी भी संदिग्ध सूचना को नजदीकी पुलिस थाना या उपलब्ध हेल्पलाइन के माध्यम से साझा किया जा सकता है। पुलिस का कहना है कि एक सुरक्षित और नशामुक्त हिमाचल के निर्माण में जनभागीदारी बेहद जरूरी है।



