
फर्जी नंबर प्लेट, मिटाए चेसिस-इंजन नंबर… फिर भी पकड़े गए आर्यन चौहान पर हमले के आरोपी
IBEX NEWS,शिमला, 23 मार्च 2026।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के उपनगर मशोबरा में मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान के बेटे आर्यन चौहान पर हुए सनसनीखेज हमले और कथित अपहरण-लूट की कोशिश के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि वारदात को अंजाम देने पहुंचे आरोपी बेहद शातिर तरीके से अपनी पहचान छिपाने की तैयारी के साथ आए थे। वारदात में इस्तेमाल की गई कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी और बाद में जांच में यह भी पाया गया कि वाहन से चेसिस नंबर, इंजन नंबर और मालिकाना पहचान से जुड़े अन्य निशान भी मिटा दिए गए थे।
पुलिस के अनुसार, 20 मार्च 2026 को शिकायतकर्ता आर्यन चौहान, निवासी नव बहार, शिमला, की शिकायत पर अभियोग संख्या 24/2026 के तहत मामला दर्ज किया गया। इस मामले में धारा 311, 109, 126(2), 351, 115(2), 3(5) भारतीय न्याय संहिता (BNS) तथा धारा 25 और 27 आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि तारापुर सड़क पर तीन संदिग्ध गाड़ी नंबर HP 58A-1965 से उतरकर आए और फिरौती तथा लूटपाट के इरादे से उसके साथ वारदात को अंजाम देने की कोशिश की।
घटना को लेकर सामने आई जानकारी के मुताबिक, आर्यन चौहान मशोबरा के तारापुर स्थित एक निजी होटल का प्रबंधन देखते हैं। शुक्रवार दोपहर करीब 1:25 बजे, जब वह अपनी कार में शिमला की ओर जा रहे थे, तभी एक सफेद रंग की ऑल्टो कार ने उनका रास्ता रोक लिया। कार से दो नकाबपोश युवक बाहर निकले। इनमें से एक के हाथ में पिस्तौल थी, जबकि दूसरे के पास लोहे की रॉड बताई गई। आरोपियों ने आर्यन चौहान पर पिस्तौल तानकर नकदी की मांग की और गोली मारने की धमकी देते हुए उन्हें काबू करने की कोशिश की।
अचानक हुए इस हमले से घबराकर आर्यन चौहान ने अपनी कार को तेजी से पीछे मोड़ने का प्रयास किया, जिससे उनका वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे ढलान से जा टकराया। इसी दौरान उन्होंने कार से बाहर कूदकर अपनी जान बचाई और किसी तरह मौके से भाग निकले। घायल अवस्था में वह वापस होटल पहुंचे, जहां से परिजनों और पुलिस को घटना की सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज, भौतिक साक्ष्य, डिजिटल इनपुट तथा तकनीकी साक्ष्यों का विस्तार से विश्लेषण किया। जांच में पुष्टि हुई कि अपराध में गाड़ी नंबर HP 58A-1965 का इस्तेमाल किया गया था, जिसे उसी दिन मशोबरा से बरामद कर लिया गया।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपियों ने वाहन से हर प्रकार के पहचान चिन्ह मिटाने की कोशिश की थी, ताकि गाड़ी के असली मालिक या उपयोगकर्ता तक पहुंचना मुश्किल हो जाए। पुलिस के अनुसार, कार पर लगी नंबर प्लेट फर्जी थी और वाहन के चेसिस नंबर, इंजन नंबर सहित कई पहचान संबंधी निशान मिटा दिए गए थे। इससे साफ है कि आरोपी साक्ष्य मिटाकर अपनी पहचान छिपाने की पूरी तैयारी के साथ वारदात को अंजाम देने पहुंचे थे।
हालांकि, पुलिस ने सीसीटीवी विश्लेषण और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर ली। इसी कड़ी में 23 मार्च 2026 को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चरणजीत सिंह (48) पुत्र श्री प्रीतम सिंह, निवासी करोड़ी मल बिल्डिंग, मेन बाजार संजौली, तथा ताशी नेगी (45) पुत्र स्वर्गीय श्री सुंदर सिंह, निवासी वीपीओ नारकंडा, तहसील कुमारसैन, जिला शिमला के रूप में हुई है।
पुलिस का मानना है कि यह वारदात सुनियोजित थी और आरोपियों ने पहले से तैयारी कर आर्यन चौहान को निशाना बनाया। मामले में तीसरे संदिग्ध की भूमिका, वारदात की पृष्ठभूमि, संभावित साजिश और आरोपियों के आपसी नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। फिलहाल मुकदमे में आगे की जांच जारी




