
IBEX NEWS,शिमला
कहते हैं कि अगर इरादे फौलादी हों, तो पहाड़ की दुर्गम राहें भी मंज़िल का रास्ता नहीं रोक सकतीं। हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिले किन्नौर के सीमांत गांव पूह के रहने वाले पद्मा दोरजी ग्यांबा ने इस बात को सच कर दिखाया है। भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय ने एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हुए ग्यांबा को गोदावरी नदी प्रबंधन बोर्ड (GRMB), हैदराबाद का चेयरमैन नियुक्त किया है। उनकी इस उपलब्धि से न केवल किन्नौर, बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश में जश्न का माहौल है।

वरिष्ठता और काबिलियत को मिला सम्मान केंद्र सरकार द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, सेंट्रल वॉटर इंजीनियरिंग सर्विस (CWES) के वरिष्ठ अधिकारी पद्मा दोरजी ग्यांबा को हायर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड (HAG) में पदोन्नत किया गया है। उन्हें लेवल-15 पे मैट्रिक्स (₹1,82,200–₹2,24,100) के तहत यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। ग्यांबा ने 1 अप्रैल 2026 से अपना कार्यभार संभाल लिया है।
चुनौतियों को मात देकर तय किया सफर तिब्बत सीमा से सटे किन्नौर के ‘पूह ‘ जैसे दूरस्थ गांव से निकलकर केंद्र सरकार के इस उच्च पद तक पहुँचना ग्यांबा की संघर्षपूर्ण और प्रेरणादायक यात्रा का प्रमाण है। जल संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव और तकनीकी कौशल को देखते हुए ही उन्हें गोदावरी नदी जैसे महत्वपूर्ण बोर्ड की कमान सौंपी गई है।
युवाओं के लिए बने प्रेरणास्रोत ग्यांबा की इस ऐतिहासिक सफलता पर किन्नौर के स्थानीय लोगों ने खुशी ज़ाहिर की है। ग्रामीणों का कहना है कि एक छोटे से गांव से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व करना गर्व की बात है। क्षेत्र के बुद्धिजीवियों का मानना है कि ग्यांबा की यह सफलता हिमाचल के उन हज़ारों युवाओं के लिए एक मिसाल बनेगी, जो संसाधनों के अभाव में बड़े सपने देखने से कतराते हैं।



