
जनभावनाओं और WHO मानकों का हवाला देते हुए संजय चौहान का मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को पत्र
12 अप्रैल 2026
IBEX NEWS,शिमला
राजधानी शिमला के ऐतिहासिक कमला नेहरू अस्पताल की स्त्री रोग (गायनेकोलॉजी) ओपीडी को इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) परिसर में स्थानांतरित करने के सरकार के निर्णय को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस मुद्दे पर भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने कड़ा विरोध जताते हुए सरकार से तत्काल फैसला वापस लेने की मांग की है।

पार्टी के राज्य सचिव संजय चौहान ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि इस निर्णय से प्रदेश की महिलाओं और आम जनता को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने तर्क दिया कि यदि ओपीडी को स्थानांतरित किया गया तो यह विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और केंद्र सरकार द्वारा मातृ एवं शिशु अस्पताल (MCH) के लिए निर्धारित दिशानिर्देशों का उल्लंघन होगा।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि IGMC परिसर पहले से ही जगह की कमी और भीड़भाड़ की समस्या से जूझ रहा है। ऐसे में नई ओपीडी शिफ्ट करने से स्थिति और खराब होगी, जिससे मरीजों को असुविधा का सामना करना पड़ेगा।
संजय चौहान ने कमला नेहरू अस्पताल के ऐतिहासिक महत्व को भी रेखांकित करते हुए बताया कि वर्ष 1924 में स्थापित यह अस्पताल, जिसे पहले लेडी रीडिंग हॉस्पिटल के नाम से जाना जाता था, प्रदेश का प्रमुख मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र है। यहां प्रतिदिन 300 से 400 महिलाएं इलाज के लिए पहुंचती हैं और 300 बिस्तरों की सुविधा उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में अस्पताल के आधुनिकीकरण के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं और नए भवन का निर्माण भी किया जा चुका है। साथ ही तीसरे चरण में अत्याधुनिक सुविधाओं के विस्तार की योजना प्रस्तावित है। ऐसे में ओपीडी को स्थानांतरित करना विकास कार्यों की दिशा के विपरीत कदम होगा।
पत्र में यह भी आरोप लगाया गया कि सरकार इस स्थान पर विधायकों के लिए नया भवन बनाने की योजना बना रही है, जिससे जनता में असंतोष बढ़ रहा है।
CPI(M) ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इस निर्णय को तुरंत वापस लिया जाए और अस्पताल के तीसरे चरण के विकास कार्य को शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि प्रदेश की महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।



