
12 जिलों में आरक्षण तय, आधी आबादी को मजबूत भागीदारी—पंचायत चुनाव से पहले नए समीकरण
IBEX NEWS BUREAU,शिमला
हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव को लेकर तस्वीर अब पूरी तरह साफ हो गई है। 7 अप्रैल को पंचायत सदस्य से लेकर जिला परिषद तक का आरक्षण रोस्टर जारी होने के बाद अब जिला परिषद चेयरमैन पदों का आरक्षण भी घोषित कर दिया गया है, जिससे प्रदेश की सियासत में नया मोड़ आ गया है।
महिलाओं के लिए 50 फीसदी आरक्षण के प्रावधान के चलते इस बार 12 में से 6 जिलों में चेयरमैन की कुर्सी महिलाओं के लिए आरक्षित की गई है। इससे स्थानीय राजनीति में महिला नेतृत्व को मजबूत बढ़ावा मिलने की उम्मीद है और आधी आबादी की भागीदारी पहले से अधिक प्रभावी नजर आएगी।
जारी रोस्टर के अनुसार सिरमौर और सोलन जिलों में चेयरमैन पद अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित किया गया है। मंडी जिला अनुसूचित जाति के लिए, किन्नौर अनुसूचित जनजाति के लिए और लाहौल-स्पीति अनुसूचित जनजाति महिला के लिए आरक्षित हुआ है। कांगड़ा में ओबीसी महिला, हमीरपुर और चंबा में सामान्य वर्ग की महिला के लिए चेयरमैन पद तय किया गया है।
वहीं शिमला, कुल्लू, ऊना और बिलासपुर जिलों में चेयरमैन पद ओपन श्रेणी में रखा गया है, जिससे यहां मुकाबला और दिलचस्प होने की संभावना है।

इससे पहले 7 अप्रैल को पंचायत वार्ड सदस्य, प्रधान, पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के लिए आरक्षण रोस्टर जारी किया गया था, जिसमें महिलाओं को तय 50 फीसदी से भी अधिक, करीब 55 फीसदी आरक्षण दिया गया है।
अब चेयरमैन पदों के लिए भी आरक्षण तय होने के साथ ही चुनावी प्रक्रिया का अंतिम खाका सामने आ चुका है। इससे जहां चुनावी तैयारियों को गति मिली है, वहीं प्रदेशभर में पंचायत से लेकर जिला स्तर तक सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। आने वाले दिनों में यह मुकाबला और रोचक होने के संकेत मिल रहे हैं।



