
IBEX NEWS BUREAU,शिमला
वर्तमान राज्य सरकार द्वारा प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण तथा रसायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के संतुलित उपयोग के प्रति किसानों को जागरूक करने हेतु 1 जून से 15 जून 2026 खेत बचाओ अभियान प्रदेश भर में आयोजित किया जा रहा है। इसी कड़ी में जिला किन्नौर में भी कृषि विभाग एवं आतमा परियोजना के माध्यम से विभिन्न जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
परियोजना निदेशक जिला किन्नौर डॉ. रमेश लाल ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान समय में रासायनिक उर्वरकों कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग के कारण मृदा की उर्वरा शक्ति एवं जैविक गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, जिसका प्रतिकूल प्रभाव पर्यावरण एवं मानव स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती एक टिकाऊ एवं पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धति है, जो स्थानीय संसाधनों एवं पारंपरिक कृषि ज्ञान पर आधारित है तथा खेती की लागत को कम करने के साथ-साथ भूमि की गुणवत्ता सुधारने में सहायक सिद्ध हो रही है।
उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान जिला किन्नौर की विभिन्न पंचायतों एवं कृषि क्षेत्रों में किसान जागरूकता शिविर, प्रशिक्षण कार्यक्रम, खेत प्रदर्शन तथा समूह चर्चाओं का आयोजन किया जाएगा। किसानों को प्राकृतिक खेती, मृदा परीक्षण, जैविक संसाधनों के उपयोग तथा संतुलित पोषण प्रबंधन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की जाएंगी।
डॉ. रमेश लाल ने जिले के किसानों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों से इस अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील करते हुए कहा कि प्राकृतिक एवं टिकाऊ कृषि प्रणाली को अपनाकर ही आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ भूमि, सुरक्षित पर्यावरण एवं समृद्ध कृषि व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकती है।



