
वीरभद्र सिंह के कान भरने वाले आज मुख्यमंत्री के ‘खास मित्र’ बन बैठे हैं; राहुल गांधी के स्वागत के लिए रात 3 बजे निकले कार्यकर्ताओं को सरकार ने हाशिए पर धकेला।
IBEX NEWS BUREAU,शिमला
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस में अंदरूनी कलह और असंतोष एक बार फिर खुलकर सामने आ गया है। ज्वाली विधानसभा क्षेत्र से वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक व्यवस्था पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि सरकार बनने के बाद पिछले तीन वर्षों में जमीनी कार्यकर्ताओं, आम जनता और निष्ठावान नेताओं को काम के नाम पर सिर्फ खोखले आश्वासन और उम्मीदें ही मिली हैं, जबकि तवज्जो केवल कुछ ‘खास मित्रों’ को दी जा रही है।हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के नेता और पूर्व मुख्य संसदीय सचिव (CPS) नीरज भारती एक बार फिर अपने सोशल अकाउंट पर पोस्ट शेयर की है ।जिसमे अपनी ही सरकार के खिलाफ तीखी टिप्पणी की है ।उन्होंने सोशल मीडिया (फेसबुक) पर एक पोस्ट साझा की है, जिसमें नेता ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री से उनकी कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है। उन्होंने कहा, “जब सुक्खू जी मुख्यमंत्री नहीं थे, तब भी मैं हमेशा उनकी चर्चा होने पर उन्हें एक संघर्षशील और स्टैंड लेने वाला नेता कहता था। दिक्कत इस बात से नहीं है कि सरकार में कौन खास है और कौन नहीं; राजनीति में यह सब चलता रहता है। दिक्कत तब होती है जब सरकार बनाने के लिए दिन-रात एक करने वाले कार्यकर्ताओं की सुनवाई बंद हो जाती है।”
‘वीरभद्र सिंह के कान भरने वाले आज बने बैठे हैं खास’
पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह का जिक्र करते हुए नेता ने वर्तमान चाटुकारिता पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जो लोग उस समय राजा वीरभद्र सिंह के कान सुक्खू जी के खिलाफ भरा करते थे, आज वही लोग पाला बदलकर सुक्खू जी के सबसे करीबी और खास ‘मित्रगण’ बने बैठे हैं। सरकार में उन लोगों को ज्यादा तरजीह मिल रही है जो कभी इस पाले में रहे तो कभी उस पाले में।
राहुल गांधी की यात्रा का दिया हवाला: ‘कार्यकर्ता बेवकूफ नहीं होते’
मुख्यमंत्री को उनकी सरकार के शुरुआती दिन याद दिलाते हुए नेता ने भावुक और आक्रामक लहजे में कहा, “जब राहुल गांधी जी की भारत जोड़ो यात्रा हिमाचल पहुंची थी और नई सरकार बनी ही थी, तब सुक्खू जी के एक इशारे पर मैं अपने ज्वाली विधानसभा क्षेत्र से 2000 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को लेकर रात के ठीक 3 बजे घरों से निकला था। हमने सुबह 6 बजे पंजाब-हिमाचल बॉर्डर (मीरथल) पहुंचकर राहुल जी का ऐतिहासिक स्वागत किया था।”
उन्होंने आगे कहा, “वो कार्यकर्ता बेवकूफ नहीं होते जो हर विपरीत परिस्थिति में पार्टी का झंडा उठाए खड़े रहते हैं। लेकिन आज सबसे ज्यादा दुख तब होता है, जब सत्ता आने के बाद वही वफादार कार्यकर्ता खुद को हाशिए (Marginalized) पर महसूस कर रहे हैं। अगर सरकार शुरू से सही तरीके से चलती, जनता के काम होते और कार्यकर्ताओं को मान-सम्मान मिलता, तो मैं कोई बेवकूफ नहीं हूँ जो अपनी ही पार्टी की सरकार के खिलाफ आवाज उठाता।”
पार्टी के भीतर मचेगा हड़कंप
ज्वाली के इस दिग्गज नेता के इन बयानों के बाद प्रदेश कांग्रेस और सुक्खू सरकार के भीतर खलबली मचना तय माना जा रहा है। कार्यकर्ताओं की इस अनदेखी और ‘मित्रों’ को मिल रही तवज्जो के आरोपों ने एक बार फिर सुक्खू सरकार के संकट को गहरा कर दिया है।



