शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज आयोजित हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य और युवाओं के भविष्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट के इन फैसलों को प्रदेश में जनकल्याण, संस्थागत सुदृढ़ीकरण और बुनियादी सेवाओं के विस्तार की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

✅ मेडिकल जगत में क्रांति: 40 साल का रिकॉर्ड टूटा! पीजी की 275 सीटों को बढ़ाकर अब दोगुना किया गया।
✅ युवाओं को रोजगार: CBSE स्कूलों में होगी कंप्यूटर और अन्य शिक्षकों की भर्ती।
✅ शिक्षा प्रणाली में बदलाव: कॉलेजों में फिर लौटेगी सेमेस्टर प्रणाली, इसी सत्र से होगा लागू।
“हमारी सरकार प्रदेश के चहुंमुखी विकास और जन-जागरूकता के लिए प्रतिबद्ध है।” – ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री
कैबिनेट बैठक में स्वास्थ्य क्षेत्र को बड़ी राहत देते हुए मेडिकल पीजी सीटों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई। बताया गया कि प्रदेश में पिछले करीब 40 वर्षों में मेडिकल पीजी कोर्स की केवल 275 सीटें उपलब्ध थीं, जबकि अब सरकार ने 275 नई सीटें बढ़ाने का फैसला लिया है। इस निर्णय के बाद पीजी सीटों की संख्या बढ़कर 550 हो जाएगी। सरकार के इस कदम से प्रदेश में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी।
शिक्षा क्षेत्र में भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए सीबीएसई स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षकों सहित अन्य विषयों के शिक्षकों की नियुक्ति का मार्ग प्रशस्त किया है। इससे स्कूलों में लंबे समय से चली आ रही शिक्षकों की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो सकेगा।
इसके अलावा, प्रदेश सरकार ने स्नातक स्तर पर सेमेस्टर प्रणाली को पुनः लागू करने का निर्णय भी लिया है। यह व्यवस्था इसी शैक्षणिक सत्र से लागू की जाएगी। सरकार का मानना है कि सेमेस्टर प्रणाली की वापसी से विद्यार्थियों की पढ़ाई अधिक व्यवस्थित होगी और शैक्षणिक गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।
कैबिनेट के इन फैसलों को प्रदेश में शिक्षा और स्वास्थ्य ढांचे को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। सरकार का फोकस युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने, संस्थानों को सशक्त बनाने और जनहित से जुड़े मुद्दों पर तेज़ी से निर्णय लेने पर बना हुआ है।




