
PIT-NDPS Act के तहत सख्त कार्रवाई, संगठित नशा नेटवर्क तोड़ने की दिशा में बड़ा कदम
IBEX NEWS BUREAU शिमला, 28 अप्रैल।
जिला शिमला पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अपनी अब तक की सबसे प्रभावी निरोधात्मक कार्रवाइयों में से एक को आगे बढ़ाते हुए तीन आदतन और कुख्यात नशा तस्करों की PIT-NDPS Act के तहत डिटेंशन अवधि बढ़ा दी है। इन आरोपियों को करीब तीन माह पूर्व निरोधात्मक हिरासत में भेजा गया था, और अब 23 अप्रैल 2026 को जारी आदेशों के तहत इन्हें आगे भी जेल में रखा जाएगा। इस निर्णय के बाद तीनों आरोपी कुल छह माह तक सलाखों के पीछे रहेंगे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार सामान्य गिरफ्तारी, जमानत और पुनः अपराध के चक्र को तोड़ने के लिए जिला पुलिस ने इस बार उन तस्करों पर फोकस किया है जो लंबे समय से नशा तस्करी के संगठित नेटवर्क में सक्रिय रहकर बार-बार कानून के शिकंजे में आने के बावजूद अपने अवैध धंधे से बाज नहीं आ रहे थे। PIT-NDPS Act के तहत की गई यह कार्रवाई ऐसे ही अपराधियों को समाज से अलग रखने की रणनीति का हिस्सा है।
डिटेंशन अवधि बढ़ाए गए आरोपियों में कोटखाई क्षेत्र के दलसार निवासी रंजन शर्मा, ठियोग के शिल्लू निवासी विशाल शर्मा तथा न्यू शिमला निवासी रवि शर्मा शामिल हैं। तीनों के खिलाफ NDPS Act के तहत अनेक मामले दर्ज हैं और इनका आपराधिक इतिहास स्पष्ट करता है कि ये मादक पदार्थों की सप्लाई चेन के सक्रिय हिस्से रहे हैं।
रंजन शर्मा के खिलाफ वर्ष 2021, 2022 और 2024 में कोटखाई व वेस्ट शिमला थानों में चिट्टा तस्करी से जुड़े तीन मामले दर्ज हैं। विशाल शर्मा पर वर्ष 2023 से 2025 के बीच NDPS Act के चार मुकदमे दर्ज हुए, जबकि उसका नाम अन्य आपराधिक गतिविधियों में भी सामने आ चुका है। वहीं रवि शर्मा का रिकॉर्ड सबसे लंबा है, जिसके विरुद्ध वर्ष 2019 से 2025 तक शिमला और सोलन जिलों के विभिन्न थानों में NDPS Act के सात मामले दर्ज हैं। पुलिस का मानना है कि ये आरोपी लगातार तस्करी नेटवर्क को संचालित करने में संलिप्त रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार इन आरोपियों की गतिविधियों, पुराने मामलों, जमानत के बाद पुनः सक्रियता और समाज पर पड़ रहे दुष्प्रभाव का विस्तृत मूल्यांकन करने के बाद ही इनके विरुद्ध PIT-NDPS Act के अंतर्गत निरोधात्मक डिटेंशन लागू किया गया था। अब समीक्षा में यह पाया गया कि इनके दोबारा अपराध में लौटने की आशंका बनी हुई है, जिसके चलते डिटेंशन अवधि आगे बढ़ाई गई।
जिला शिमला पुलिस ने स्पष्ट किया है that यह केवल गिरफ्तारी नहीं बल्कि नशे की जड़ों पर प्रहार की नीति है। आदतन तस्करों को लंबे समय तक समाज से अलग रखकर पुलिस नशे की उपलब्धता, सप्लाई चैन और स्थानीय नेटवर्क को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। पुलिस का दावा है कि आने वाले समय में भी ऐसे चिन्हित तस्करों के खिलाफ PIT-NDPS Act सहित सभी कठोर कानूनी प्रावधानों का इस्तेमाल लगातार जारी रहेगा।



