
IBEX NEWS BUREAU,शिमला, 06 मई।
चारधाम यात्रा शुरू होते ही हेलीकॉप्टर बुकिंग और यात्रा पंजीकरण के नाम पर साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं। साइबर अपराधी फर्जी वेबसाइट्स, नकली सोशल मीडिया पेज, बनावटी WhatsApp नंबर और आकर्षक ऑफर्स के जरिए श्रद्धालुओं को अपने जाल में फंसा रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने यात्रियों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
जानकारी के अनुसार ठग सरकारी पोर्टल जैसी दिखने वाली वेबसाइट बनाकर कम समय में कन्फर्म हेलीकॉप्टर टिकट, वीआईपी दर्शन, होटल बुकिंग और यात्रा पैकेज का लालच देते हैं। श्रद्धालुओं से ऑनलाइन एडवांस पेमेंट लेने के बाद या तो फर्जी टिकट भेज दिए जाते हैं या फिर संपर्क पूरी तरह बंद कर दिया जाता है। उत्तराखंड पुलिस और साइबर सेल ने ऐसे सैकड़ों फर्जी लिंक, मोबाइल नंबर और WhatsApp अकाउंट्स की पहचान कर कार्रवाई भी की है।
विशेषज्ञों के अनुसार केदारनाथ सहित चारधाम हेलीकॉप्टर सेवा की बुकिंग के लिए केवल आधिकारिक IRCTC HeliYatra Portal ही अधिकृत है। इसके अलावा किसी निजी एजेंट, सोशल मीडिया लिंक, WhatsApp चैट या संदिग्ध वेबसाइट के माध्यम से की गई बुकिंग ठगी साबित हो सकती है।
ऑनलाइन मंचों और यात्रियों के अनुभवों में भी सामने आया है कि कई लोगों को नकली QR कोड, फर्जी रसीदें और व्हाट्सएप पर बनावटी कन्फर्मेशन भेजकर लाखों रुपये की ठगी का शिकार बनाया गया। टिकट की जल्दबाजी और सीमित स्लॉट का फायदा उठाकर साइबर अपराधी लोगों पर तुरंत भुगतान का दबाव बनाते हैं।

साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने यात्रियों से अपील की है कि हेलीकॉप्टर बुकिंग और पंजीकरण के लिए केवल आधिकारिक पोर्टल heliyatra.irctc.co.in तथा अधिकृत माध्यमों का ही उपयोग करें। किसी भी संदिग्ध लिंक, अनजान UPI ID, व्यक्तिगत बैंक खाते या WhatsApp भुगतान अनुरोध पर भरोसा न करें। वेबसाइट का URL ध्यान से जांचें, ऑफर असामान्य लगे तो तुरंत सत्यापन करें और साइबर ठगी की आशंका होने पर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।
प्रशासन ने साफ किया है कि सतर्कता ही सुरक्षित यात्रा की सबसे बड़ी कुंजी है। एक छोटी सी लापरवाही श्रद्धालुओं की आस्था के साथ-साथ उनकी मेहनत की कमाई पर भी भारी पड़ सकती है।



