
यूपी, पंजाब और चंडीगढ़ तक पहुंची जांच, 2026 में 25 ड्रग नेटवर्क ध्वस्त और 33 सप्लायर गिरफ्तार
IBEX NEWS BUREAU,
शिमला, 10 मई 2026।
जिला शिमला पुलिस द्वारा नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक अभियान के तहत अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए कई मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की गहन जांच, डिजिटल विश्लेषण और बैकवर्ड लिंकिज के माध्यम से चिट्टा तस्करी से जुड़े नेटवर्कों को लगातार ध्वस्त किया जा रहा है।
पुलिस थाना रोहड़ू में दर्ज अभियोग संख्या 31/2026 के तहत 26 मार्च 2026 को पुलिस ने पिंकू राम निवासी रोहड़ू और सुनील पुहारता निवासी टिक्कर रोहड़ू को 53 ग्राम चिट्टा सहित गिरफ्तार किया था। पूछताछ, बैंक खातों, मोबाइल फोन और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण में सामने आया कि मुख्य आरोपी पिंकू राम लंबे समय से उत्तर प्रदेश निवासी सलमान हैदर के माध्यम से चिट्टा मंगवाकर रोहड़ू क्षेत्र में सप्लाई कर रहा था।
इसके बाद पुलिस टीम ने उत्तर प्रदेश में दबिश देकर 12 अप्रैल 2026 को बिजनौर निवासी सलमान हैदर को गिरफ्तार किया। आगे की तकनीकी जांच और कॉल डिटेल विश्लेषण में खुलासा हुआ कि सलमान हैदर पंजाब निवासी थोमस मसीह के माध्यम से चिट्टा सप्लाई कर रहा था। इस आधार पर थाना रोहड़ू पुलिस ने पंजाब के गुरदासपुर क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए मुख्य सप्लायर थोमस मसीह को 9 मई 2026 को गिरफ्तार कर लिया।
इसी क्रम में थाना कोटखाई में दर्ज अभियोग संख्या 35/2026 में पुलिस ने पहले रमणजीत सिंह निवासी मोहाली और रुबल चौहान निवासी कोटखाई को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से एक पिस्टल, दो गैस सिलेंडर पिस्टल, एक चाकू, लगभग 6 ग्राम Meth Crystal/Ice तथा 2 ग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद किया गया था।

पूछताछ और तकनीकी जांच के दौरान आरोपी रमणजीत सिंह ने खुलासा किया कि उसने चंडीगढ़ से गोलू नामक व्यक्ति से नशे की खेप खरीदी थी। इसके आधार पर पुलिस ने बैकवर्ड लिंकिज ट्रेस करते हुए चंडीगढ़ के दड़ूमाजरा क्षेत्र से मुख्य सप्लायर गोलू को 10 मई 2026 को गिरफ्तार किया।
जिला शिमला पुलिस के अनुसार वर्ष 2026 में एनडीपीएस मामलों की जांच की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। इसी के परिणामस्वरूप इस वर्ष अब तक 33 मुख्य आरोपियों को बैकवर्ड लिंकिज के आधार पर गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि वर्ष 2024 में यह संख्या 4 और वर्ष 2025 में 7 थी।
पुलिस ने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक 25 नशा तस्करी नेटवर्कों को ध्वस्त किया गया है, जो पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश और केरल सहित विभिन्न राज्यों में संचालित हो रहे थे। पुलिस का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से मादक पदार्थों की सप्लाई चेन कमजोर हो रही है और भविष्य में ऐसे अपराधों की पुनरावृत्ति रोकने में भी सहायता मिल रही है।
जिला शिमला police ने स्पष्ट किया है कि नशा तस्करी के विरुद्ध सख्त और सुनियोजित अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।



