
उपायुक्त शिमला का सख्त एक्शन, चुनावी ड्यूटी में लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस
IBEX NEWS BUREAU,शिमला।
पंचायत चुनाव प्रक्रिया में लापरवाही बरतने पर जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) एवं उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सहायक निर्वाचन अधिकारी रजनीश चौहान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई ग्राम पंचायत दलगांव, विकास खंड रोहड़ू में चुनाव चिन्हों के आवंटन में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने के बाद अमल में लाई गई।
जानकारी के अनुसार रजनीश चौहान, जो राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान समरकोट में ग्रुप इंस्ट्रक्टर के पद पर कार्यरत हैं, को पंचायत चुनावों के लिए ग्राम पंचायत दलगांव का सहायक निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किया गया था। नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 15 मई को प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाने थे, लेकिन जांच में सामने आया कि चुनाव चिन्हों का वितरण राज्य निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों और निर्धारित नियमों के अनुरूप नहीं किया गया।
प्रशासनिक जांच में पाया गया कि चुनाव चिन्हों का आवंटन हिंदी वर्णमाला क्रम एवं राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित क्रम संख्या के आधार पर किया जाना आवश्यक था, लेकिन संबंधित अधिकारी ने नियमों की अनदेखी करते हुए प्रक्रिया का पालन नहीं किया। इसे चुनाव प्रक्रिया में गंभीर प्रक्रियागत त्रुटि और कर्तव्य में घोर लापरवाही माना गया।
उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि पंचायत चुनाव जैसे संवेदनशील कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994, भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243-K तथा सीसीएस (सीसीए) नियम, 1965 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आरोपी अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
आदेशों के अनुसार निलंबन अवधि के दौरान रजनीश चौहान का मुख्यालय खंड विकास अधिकारी कार्यालय रोहड़ू निर्धारित किया गया है। जिला प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि पंचायत चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं नियमबद्ध ढंग से संपन्न करवाने में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं होगी।
चुनावी ड्यूटी से वाहन गायब हुए तो विभागों पर भी गिरेगी गाज
जिला निर्वाचन अधिकारी अनुपम कश्यप ने चुनावी ड्यूटी में लगाए गए वाहनों को समय पर उपलब्ध न करवाने वाले विभागों को भी कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि चुनाव कार्य अत्यावश्यक सरकारी कार्य की श्रेणी में आता है और सभी विभागों को वाहन एवं चालक उपलब्ध करवाना अनिवार्य है।
उन्होंने दो टूक कहा कि चुनाव प्रक्रिया में बाधा डालने या निर्देशों की अनदेखी करने वाले किसी भी अधिकारी या विभाग के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।



