
IBEX NEWS BUREAU,शिमला
जनजातीय जिला किन्नौर के चुनावी समर में इस बार सबसे बड़ा उलटफेर और सबसे जोरदार धमाका रिब्बा वार्ड में देखने को मिला है। राजनीतिक विश्लेषक जिसे कड़ा मुकाबला मान रहे थे, उसे क्षेत्र की जनता ने एकतरफा जनादेश में बदल दिया। रिब्बा वार्ड से जिला परिषद सदस्य पद पर भाजपा समर्थित प्रत्याशी धन माला और ब्लॉक समिति सदस्य पद पर देव कुंती ने ऐतिहासिक जीत दर्ज कर विरोधियों के सारे सियासी समीकरणों को मटियामेट कर दिया है।इस दोहरी जीत ने किन्नौर की राजनीति में महिलाओं के बढ़ते वर्चस्व और संगठन की जमीनी पकड़ को साबित कर दिया है। राजनीतिक जानकारों की मानें तो रिब्बा वार्ड का यह परिणाम सत्ताधारी दल के लिए एक बड़ा सबक है।
इस ऐतिहासिक जीत के बाद क्षेत्र में भारी उत्साह है। देर रात तक चले विजय जुलूस में गाड़ियों के काफिले के बीच पारंपरिक किन्नौरी टोपी पहने दोनों महिला नेत्रियां जनता का अभिवादन स्वीकार कर रही हैं। हाथ में ‘विक्ट्री’ (V) का निशान और चेहरों पर यह मुस्कान गवाही दे रही है कि यह जीत केवल दो उम्मीदवारों की नहीं, बल्कि रिब्बा की जागरूक जनता के विश्वास की जीत है।
जिला परिषद में धन माला की यह एंट्री विरोधियों के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बनने वाली है, क्योंकि वे क्षेत्र में एक प्रखर और जुझारू चेहरे के रूप में जानी जाती हैं।ब्लॉक समिति में देव कुंती जी की जीत ने यह साफ कर दिया है कि ग्रामीण स्तर पर विकास और जनहित के मुद्दों के आगे विरोधियों के झूठे वादे नहीं टिक सके।

जैसे ही देर रात नतीजों पर अंतिम मुहर लगी, रिब्बा क्षेत्र आतिशबाजी और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन से गूंज उठा। समर्थकों का हुजूम सड़कों पर उतर आया। स्थानीय नेताओं का कहना है कि यह जीत क्षेत्र में थमे हुए विकास कार्यों को रफ्तार देने के लिए जनता का एक करारा जनादेश है। प्रशासन को अब यह समझ लेना चाहिए कि जनता की अनदेखी महंगी पड़ेगी।
दोनों महिला जनप्रतिधियों ने अपनी इस जीत का श्रेय रिब्बा वार्ड के कर्मठ मतदाताओं और दिन-रात पसीना बहाने वाले कार्यकर्ताओं को दिया है। अब देखना दिलचस्प होगा कि इस ‘प्रचंड’ जीत के बाद किन्नौर की जिला परिषद और ब्लॉक समिति में सत्ता की चाबी किसके हाथ लगती है, लेकिन एक बात तय है— रिब्बा की इस जोड़ी ने शिमला तक की राजनीतिक हलचल तेज कर दी है!
राज्य में कांग्रेस की सरकार होने के बावजूद किन्नौर की जनता ने जिला परिषद में 9-1 का एकतरफा जनादेश देकर शिमला के सत्ता गलियारों को हिला दिया है, जो मौजूदा सरकार के थमे विकास कार्यों पर जनता का सीधा ‘नो-कॉन्फिडेंस मोशन’ है। इस भगवा आंधी के बीच रिब्बा वार्ड अब जिले का नया ‘पावर सेंटर’ बनकर उभरा है, जहाँ जिला परिषद में धन माला और ब्लॉक समिति में देव कुंती की दोहरी जीत ने विरोधियों का सूपड़ा साफ कर दिया है। इस में आधी रात को उमड़ा समर्थकों का भारी हुजूम और जोश साफ बयां करता है कि किन्नौर की सियासत अब पारंपरिक ढर्रे को तोड़कर सशक्त महिला नेतृत्व (नारी शक्ति) के हाथों में सुरक्षित महसूस कर रही है। पूह और निचार जैसे विकास खंडों में कांग्रेस का खाता तक न खुलना इस बात का पुख्ता सबूत है कि ग्रामीण स्तर पर सत्ताधारी दल की पकड़ ढीली हो चुकी है और प्रचंड एंटी-इन्कम्बेंसी की लहर पर सवार भाजपा का जमीनी तंत्र बेहद आक्रामक स्थिति में है— कुल मिलाकर, यह चुनाव सिर्फ स्थानीय निकायों का नतीजा नहीं, बल्कि किन्नौर की राजनीति का सबसे बड़ा ‘टर्निंग पॉइंट’ है।



