
जब वकीलों का गुस्सा सातवें आसमान पर था, तो उन्हें शांत करने और समझाने के लिए एसडीएम ओशीन शर्मा मौके पर पहुंचीं। लेकिन वकीलों को मनाने के बजाय वहां माहौल उस वक्त और गरमा गया जब एसडीएम कवरेज कर रहे पत्रकारों पर ही भड़क गईं।
IBEX NEWS BUREAU,शिमला
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के प्रशासनिक गलियारों और सड़कों पर आज उस वक्त हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब वकीलों के तीखे तेवरों के आगे सुक्खू सरकार के कद्दावर मंत्री की गाड़ी का भी चालान कट गया!
“दरअसल, एडवोकेट ने आज सील्ड रोड पर बिना परमिट के दौड़ रही कई गाड़ियों को रोका और पुलिस से उनके चालान करवाए। इनमें एक इलेक्ट्रिक व्हीकल विक्रमादित्य सिंह का भी शामिल है। इसमें विक्रमादित्य सिंह की माता और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह सवार थी। प्रतिभा सिंह पिछली सीट पर बैठी थीं। इस दौरान एडवोकेट शिल्ली चौकी के समीप इकट्ठे हुए। वकीलों ने यहां से गुजर रही हरेक गाड़ी को रोका और परमिट चेक किया।



सील्ड रोड (Sealed Road) परमिट की फीस में हुई भारी बढ़ोतरी के खिलाफ आंदोलन कर रहे हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं ने कड़ा रुख अपनाते हुए लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री विक्रमादित्य सिंह की गाड़ी को बीच सड़क पर रुकवा दिया और नियमों के तहत ₹1500 का चालान कटवा कर ही दम लिया! इस दौरान ठियोग के विधायक एवं हाईकोर्ट के एडवोकेट कुलदीप राठौर की गाड़ी को भी रोका गया। उन्होंने युवा वकीलों के बातचीत के लहजे पर आपत्ति जताई। हालांकि, उनकी गाड़ी को छोड़ दिया गया।

यह पूरा वाकया शिमला के शिल्ली चौक के पास का है। जिस समय वकीलों ने गाड़ी को घेरा, उस वक्त वाहन में मंत्री विक्रमादित्य सिंह के साथ उनकी माता और प्रदेश कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष प्रतिभा सिंह भी सवार थीं। वकीलों के भारी आक्रोश और विरोध प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर तैनात पुलिस महकमे को मजबूरन मंत्री की गाड़ी का ₹1500 का चालान काटना पड़ा। बताया जा रहा है कि नियमों की इस ‘अदालती’ जद में सिर्फ मंत्री ही नहीं, बल्कि मोर्चा संभालने पहुंचीं एसडीएम ओशीन शर्मा और एक डीआईजी (DIG) रैंक के बड़े अधिकारी की गाड़ी भी आ गई, जिनका भी मौके पर चालान काटा गया।

दरअसल, शिमला में माल रोड समेत कई ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण सड़कें ‘सील्ड और रिस्ट्रिक्टेड’ श्रेणी में आती हैं, जहां गाड़ियां ले जाने के लिए विशेष सरकारी परमिट की जरूरत होती है. हाल ही में सरकार ने इस परमिट फीस में भारी इजाफा कर दिया है।यहाँ के सील्ड रोड पर बिना परमिट गाड़ियों की आवाजाही वर्जित है। परमिट वाली गाड़ियों को ही सील्ड रोड पर आने जाने की अनुमति है। मगर सुक्खू सरकार ने बजट सेशन में सील्ड रोड के परमिट की फीस 2500 रुपए से बढ़ाकर 10 हजार रुपए कर दी है।

इसी फैसले के खिलाफ शिमला के वकीलों ने मोर्चा खोल दिया है।
अपनी मांगों को लेकर सैकड़ों वकील आज सचिवालय के बाहर एकजुट हो गए और चक्का जाम कर दिया। वकीलों का साफ कहना है कि इस मामले में वे किसी छोटे अधिकारी से नहीं, बल्कि सीधे मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से बातचीत करेंगे।
जब वकीलों का गुस्सा सातवें आसमान पर था, तो उन्हें शांत करने और समझाने के लिए एसडीएम ओशीन शर्मा मौके पर पहुंचीं। लेकिन वकीलों को मनाने के बजाय वहां माहौल उस वक्त और गरमा गया जब एसडीएम कवरेज कर रहे पत्रकारों पर ही भड़क गईं।



साफ है कि परमिट फीस बढ़ोतरी का यह मामला अब सरकार के लिए गले की फांस बनता जा रहा है, जहां आम तो आम, अब खास और वीआईपी भी वकीलों के निशाने पर हैं।





